कश्मीर में शहीद हुए बिहार के लाल के घर में आंसुओं का सैलाब

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पटना। जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में हुए आतंकी हमले में बिहार के भागलपुर जिले का लाल शहीद हो गया जिसकी शहादत के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवार के लोग मौत की खबर सुनने के बाद बेहोश होकर गिर गए तो पूरे गांव के लोग इस जवान की शहादत की खबर सुनते ही सन्न रह गए। आपको बताते चलें कि जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में बीएसएफ कैंप पर हुए आतंकी हमले में एएसआई बृजकिशोर यादव शहीद हो गए।

गांववालों की आंखों से आंसू छलके

गांववालों की आंखों से आंसू छलके

इस बात की खबर गांव वालों को पता चली तो उनके घर पर जाकर परिजनों को सहानुभूति देने के लिए पहुंचे लेकिन वहां का नजारा देख खुद ही वह रोने लगे। बूढ़े मां-बाप जहां अपने बेटे की मौत पर आंसू बहा रहे थे तो जवान बेटी और पत्नी बार-बार इस शहादत को याद करते हुए बेहोश हो जा रही थी। शहीद जवान का बिहार और झारखंड दोनों जगहों से नाता था इसलिए उनकी शहादत को लेकर बिहार और झारखंड के दोनों गांव में शोक की लहर है।

बीएसएफ कैंपर पर हुआ था आतंकी हमला

बीएसएफ कैंपर पर हुआ था आतंकी हमला

मिली जानकारी के अनुसार, बुधवार की सुबह बीएसएफ कैंप पर आतंकी हमले में शहीद हुए बिहार के भागलपुर जिले के रहने वाले बृजकिशोर यादव के साथ-साथ अन्य बीएसएफ जवान ने आतंकियों के हमले का मुंहतोड़ जवाब दिया। देश की रक्षा के लिए खुद को बलिदान कर दिया। एएसआई बृजकिशोर के शहीद होने की खबर जैसे ही उनके घर साहिबगंज पहुंची तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया जहां बूढ़े मां-बाप बेटी की मौत पर आंसू बहा रहे थे। वहीं पत्नी और दो बेटी के साथ -साथ बेटा का रो रो कर बुरा हाल हो रहा था। इस दुखद खबर की जानकारी जैसे ही आसपास के लोगों को हुई, वे लोग भी वहां पहुंचकर शहीद के परिजनों को साहस देने का काम कर रहे थे लेकिन वहां का नजारा देख सभी की आंखें आंसू से डबडबा गई थी।

1984 में किया था बीएसएफ ज्वाइन

1984 में किया था बीएसएफ ज्वाइन

आंखों में आंसू लिए शहीद के पिता ने बताया कि पिछले 10 सालों से वह श्रीनगर में तैनात था औईर कई बार वहां खतरा होने की बात कही ती लेकिन उसके द्वारा हर बार यही कहा जाता था कि हमें कोई खतरा नहीं है, हम भारत माता की सेवा करने के लिए कहीं भी रह सकते हैं। आज हमारा बेटा आतंकियों की गोली का निशाना नहीं बना बल्कि देश के लिए शहीद हो गया है। वर्ष 1984 में बृज किशोर ने बीएसएफ ज्वाइन किया था और 2007 तक श्रीनगर में ही तैनात थे फिर उनकी पोस्टिंग अन्य जगह हुई लेकिन फिर से वापस श्रीनगर बुला लिया गया।

गांववालों को जवान पर गर्व

गांववालों को जवान पर गर्व

बृजकिशोर के शहादत को देखते हुए जहां पूरे गांव में मातम का माहौल छाया हुआ है। वहीं गांव के लोग इस सपूत के शहादत से सिर गर्व से ऊंचा करने की बात बताते हुए कह रहे हैं कि भागलपुर के बाराहाट इशिपुर थाना क्षेत्र के कमलचक गांव के रहनेवाले बृजकिशोर ने शहीद होकर आज पूरे गांव का सिर गर्व से चौड़ा कर दिया है। अब हमेशा लोग उसकी शहादत को याद रखेंगे। गांव वालों ने बताया कि बृजकिशोर का बीएसएफ से पुराना नाता है क्योंकि उसके आठ भाई बहन हैं। जिसमें से उनका बड़ा भाई राज किशोर यादव की बीएसएफ में एएसआई है जो राजस्थान में तैनात हैं।

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English summary
Son of Bihar martyred in Kashmir.

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