Sheikhpura News: जमीन विवाद, गवाही और फिर हत्या, शेखपुरा में अपाधियों के बुलंद हौसले की ख़ौफनाक कहानी
Sheikhpura News: बिहार में अपराधी बेखौफ हैं। कानून व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए शेखपुरा जिले में बदमाशों ने एक बुजुर्ग की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। मृतक कोर्ट में गवाही देकर ई-रिक्शा से अपने गांव लौट रहा था। रास्ते में पहले बदमाशों ने उसे रिक्शा से घसीटा और फिर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। दिल दहला देने वाली यह वारदात अरियरी थाना क्षेत्र के कैमरा गांव की है।
CRPF जवान के पिता की निर्मम हत्या
मृतक की पहचान 60 वर्षीय कृष्णा राम के रूप में हुई है, जो कैमरा गांव के निवासी थे। उनका बेटा झारखंड में सीआरपीएफ में कार्यरत है। परिजनों ने बताया कि कृष्णा राम एक जमीनी विवाद मामले में सिविल कोर्ट, शेखपुरा में गवाही देने गए थे और लौटते वक्त उन पर हमला हुआ।

महिला गवाह भी घायल, अस्पताल में भर्ती
घटना में एक अन्य महिला मोनी देवी को भी गोली लगी है, जो गवाही देने कृष्णा राम के साथ कोर्ट गई थीं। गंभीर रूप से घायल मोनी देवी को शेखपुरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पांच हमलावर, दो बाइक और बीच सड़क पर खून
गवाही के बाद कृष्णा राम, मोनी देवी, शंकर सिंह, डबलू सिंह और रुद्रदेव सिंह एक ई-रिक्शा से वापस लौट रहे थे। कैमरा गांव और डीहा गांव के बीच दो बाइक पर सवार पांच बदमाशों ने घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से कृष्णा राम की मौके पर ही मौत हो गई।
परिवार का आरोप- पहले बहनोई मारा, अब पिता
मृतक के बेटे राकेश कुमार ने इस हत्याकांड में गांव के देवनंदन सिंह, जितेंद्र सिंह, नवल किशोर सिंह, भोला कुमार और गोलू कुमार के साथ-साथ कोर्ट के पेशकार रघुनंदन राम, अरुण राम, मनोज राम, उदय राम और विकास राम पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, "इन लोगों ने एक साल पहले मेरे बहनोई की हत्या की थी, अब मेरे पिता को भी मार डाला।"
48 घंटे में तीसरी हत्या, दहशत में जिला
इस जघन्य हत्या से शेखपुरा में सनसनी फैल गई है। पिछले 48 घंटों में जिले में यह तीसरी हत्या है। इससे पहले सिरारी और चेवाड़ा थाना क्षेत्रों में भी हत्या की घटनाएं हो चुकी हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया
अरियरी थाना के सब-इंस्पेक्टर रामप्रवेश कुमार ने कहा, "दोनों पक्षों में पुराना जमीन विवाद था। आज की घटना उसी विवाद से जुड़ी लगती है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और जल्द कार्रवाई होगी।"
सवाल अब भी खड़े हैं
शेखपुरा में लगातार हो रही हत्याएं न सिर्फ प्रशासन पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि आम लोगों के बीच डर और असुरक्षा की भावना को भी गहरा कर रही हैं। कोर्ट में गवाही देना अब जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। बुजुर्ग कृष्णा राम की हत्या, एक साल पहले हुए बहनोई के मर्डर और अब महिला गवाह को भी गोली लगना।
ये घटनाएं सिर्फ व्यक्तिगत दुश्मनी की कहानी नहीं हैं, बल्कि सिस्टम की चुप्पी की भी गवाही देती हैं। अब देखने वाली बात होगी कि क्या पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार कर पाती है? क्या अदालत इस हत्या को गंभीरता से लेगी? और क्या शेखपुरा में लोगों को फिर से न्याय और सुरक्षा का भरोसा मिलेगा?












Click it and Unblock the Notifications