बिहार: किसान की बेटी ने Shooting Championship में जीता गोल्ड मेडल, कौन हैं शशि पांडे
गोपालगंज जिले के ओझवलिया गांव (कटेया थानाक्षेत्र) के किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली बेटी की कामयाबी पर पूरा गांव जश्न मना रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिहार की बेटी अब बेटों की तरह ही प्रदेश का नाम रोशन कर रही है।
गोपालगंज, 27 सितंबर 2022। बिहार की बेटी अब बेटों से कम नहीं हैं, बेटों के के साथ-साथ अब बेटियां भी प्रदेश का नाम रोशन कर रही है। आज हम आपको बिहार की बेटी शशि पांडे के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाते हुए बिहार का नाम रोशन किया है। बिहार के गोपालगंज ज़िले से ताल्लुक रखने वाली शशि पांडे ने दिल्ली में हुए 37वें स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में प्रदेश के नाम गोल्ड मेडल किया है।

शूटिंग चैंपियनशिप में शशि ने जीता गोल्ड मेडल
गोपालगंज जिले के ओझवलिया गांव (कटेया थानाक्षेत्र) के किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली बेटी की कामयाबी पर पूरा गांव जश्न मना रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बिहार की बेटी अब बेटों की तरह ही प्रदेश का नाम रोशन कर रही है। महिलाओं को समाज में बराबरी का दर्जा दिलाने का काम कर रही है। शशि की सफलता से पूरे गांव के लोग खुश हैं। उसके उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं।

1150 निशानेबाजों ने लिया चैंपियनशिप में भाग
दिल्ली में 9 दिनों तक चले शूटिंग चैंपियनशिप में 1150 निशानेबाजों ने भाग लिया था। इसमे पिस्टल, रायफल और शॉटगन शूटिंग के अलग कैटेगरी के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इस शूटिंग चैंपियनशिप में शशि पाण्डेय, गायत्री कौर और माधवी की जोड़ी ने कामयाबी का परचम लहाराय। इन तीनों की जोड़ी ने टीम इवेंट में 10 मीटर एयर पिस्टल से निशाना साधकर शानदार प्रदर्शन किया, और गोल्ड मेडल पर क़ब्ज़ा जमाया।

शशि ने दिल्ली से की है पढ़ाई
शशि के शिक्षा की बात की जाए तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की तालीम हासिल की है। दिल्ली में पढ़ाई करने के दौरान ही शशि पांडेय को शूटिंग का शौक हुआ और वह खुद को पूरी तरह से शूटिंग के लिए ही समर्पित कर दिया। शूटिंग का हुनर सीखने के बाद शाशि ने कामयाबी का परचमा लहराना शुरू किया और आज वह कामयाबी की बुलंदियों को छू रही हैं।

शशि दर्जनों मेडल कर चुकी हैं अपने नाम
किसान परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद शशि पांडे अपने सपने को साकार करती चली गईं। अब तक के सफर में दर्जनों मेडल जीत कर परिवार और प्रदेश को शशि गौरवांवित कर चुकी हैं। अब वहा राष्ट्रीय सतर पर शूटिंग चैंपियनशिप की तैयारी में हुनर दिखा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतने वाली शशि मे मीडिया से मुखातिब होते अपने सफर के तजुर्बे को बताया। शशि ने बताया कि पहली बार पिस्टल उठाने में काफी डर लगा था। धीरे-धीरे निशाना पक्का हुआ और डर भी खत्म हो गया।

शूटिंग की ट्रेनिंग काफी महंगी है- शशि पांडे
शशि पांडे ने कहा कि शूटिंग की तैयारी करने के बाद सही निशाना लगने लगा और आत्मविश्वास बढ़ता रहा। लड़कियों को शूटिंग के खेल में आगे आना चाहिए, यह उनके लिए फायदेमंद रहेगा। वहीं शशि पांडेय ने ट्रेनिंग का ज़िक्र करते हुए कहा कि शूटिंग एक महंगा खेल है। पिस्टल, गोली और ट्रेनिंग काफी महंगी है। किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली लड़कियों के लिए इस खर्चे को उठाना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन आपके अंदर लगन है तो सबकुछ आसान हो जाता है। शशि ने अपने भविष्य के प्लान के बारे में बताते हुए कहा कि वह भारत के लिए ओलंपिक में खेलना चाहती है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन करना चाहती हैं।
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