बिहार की सियासत में 'खेला' शुरू? नीतीश कुमार आज भरेंगे राज्यसभा का पर्चा, रोहिणी बोलीं- 'बीजेपी की कठपुतली'
Rohini Acharya: बिहार की सियासत में आज का दिन ऐतिहासिक और बेहद हलचल भरा साबित हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लंबे समय से जारी सस्पेंस को खत्म करते हुए खुद पुष्टि कर दी है कि वे अब दिल्ली की राजनीति में कदम रखेंगे और राज्यसभा जाएंगे। उनके इस फैसले ने न केवल जनता दल (यूनाइटेड) के कार्यकर्ताओं को चौंका दिया है, बल्कि विपक्षी खेमे, विशेषकर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) को तीखे हमलों का मौका दे दिया है।
लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने नीतीश कुमार के इस कदम पर 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) के जरिए जबरदस्त निशाना साधते हुए इसे 'बेवफाई का अंजाम' करार दिया है। इस फैसले के साथ ही अब बिहार में नेतृत्व परिवर्तन और नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं, जिससे राज्य का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।

रोहिणी आचार्य का तंज, 'बीजेपी ने दबा रखी है कमजोर नस'
नीतीश कुमार के इस फैसले पर सबसे तीखी प्रतिक्रिया लालू परिवार की ओर से आई है। रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर बेहद आक्रामक अंदाज में लिखा कि जो नेता अपनों के साथ बार-बार विश्वासघात करता है, उसकी ऐसी बदहाली तय होती है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि शायद भारतीय जनता पार्टी ने नीतीश कुमार की कोई ऐसी 'कमजोर नस' दबा दी है, जिसके आगे झुकते हुए उन्हें यह अपमानजनक समझौता करना पड़ा है। रोहिणी ने साफ शब्दों में कहा कि नीतीश आज अपनी ही नीतियों और पलटीमार राजनीति के जाल में फंस गए हैं।
महाठबंधन से अलग होने को बताया 'पटकथा की शुरुआत'
रोहिणी आचार्य ने अपने पोस्ट में 28 जनवरी 2024 की तारीख का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसी दिन नीतीश कुमार ने इंडिया गठबंधन और महागठबंधन का साथ छोड़कर जब दोबारा बीजेपी का दामन थामा था, तभी यह पटकथा लिखी जा चुकी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी कुर्सी बचाने की लालसा में नीतीश ने अपनी विचारधारा को दांव पर लगा दिया और आज वे बीजेपी के हाथों की 'कठपुतली' मात्र बनकर रह गए हैं।
शिंदे का हवाला और समाजवादी साथियों की अनदेखी
रोहिणी ने महाराष्ट्र की राजनीति का उदाहरण देते हुए नीतीश कुमार को घेरा। उन्होंने कहा कि जिस तरह एकनाथ शिंदे के साथ महाराष्ट्र में हुआ, उससे नीतीश कुमार को सबक लेना चाहिए था। रोहिणी के अनुसार, नीतीश ने अपने पुराने समाजवादी साथियों और शुभचिंतकों की सलाह को नजरअंदाज किया, जिसका नतीजा आज सबके सामने है।
आज होगा नामांकन, बिहार में नई सियासी सुबह!
जानकारी के अनुसार, नीतीश कुमार आज गुरुवार (5 मार्च 2026) को राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। उनके इस कदम के बाद अब बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, इस पर सस्पेंस बना हुआ है। माना जा रहा है कि बीजेपी राज्य में अपनी दावेदारी मजबूत कर सकती है, जिससे बिहार की सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल जाएगा।
With AI Inputs
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