बिहारः मंत्री जी के इंतजार में मरीज को नहीं किया भर्ती, रिटायर्ड फौजी ने अस्पताल के बाहर तोड़ दिया दम
पटना। बिहार की राजधानी पटना के एनएमसीएच में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एंबुलेंस में अस्पताल के बाहर ही एक रिटायर्ड फौजी ने कोरोना के चलते दम तोड़ दिया। मृतक कोरोना पीड़ित रिटायर्ड फौजी विनोद कुमार सिंह लखीसराय के रहने वाले थे। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि एनएमसीएच के कोविड वार्ड परिसर के बाहर खड़ी एम्बुलेंस में ही इलाज के इंतजार में दम तोड़ दिया।

परिजनों का कहना है कि चूंकि अस्पताल में मंत्री जी थे इसलिए उनके मरीज को भर्ती लेने से इनकार कर दिया गया था। मृतक के पुत्र अभिमन्यु के मुताबिक वह अपने पिता को गंभीर स्थिति में लखीसराय से एम्बुलेंस में लेकर सोमवार की शाम पटना एम्स पहुंचा था, जहां डॉक्टरों ने भर्ती लेने से मना कर दिया।
फिर पिता की हालत खराब होता देख एक निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति का हवाला देते हुए एनएमसीएच ले जाने की सलाह दी। मंगलवार की सुबह अभिमन्यु अपने पिता को लेकर एंबुलेंस के जरिये एनएमसीएच पहुंचा। लेकिन कर्मियों ने यह कहते हुए भर्ती करने से इनकार कर दिया कि अभी स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय यहां आने वाले हैं। उनके जाने के बाद ही मरीज को भर्ती किया जाएगा।
मृतक के परिजनों के अनुसार इस दौरान उन्होंने कर्मियों से कम से कम बरामदे में ही अपने पिता को रखने की बात कही ,लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों ने मना कर दिया। इसके बाद उनके पिता ने एम्बुलेंस में ही दम तोड़ दिया। हालांकि जब इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय से एनएमसीएच की लापरवाही की ओर ध्यान दिलाया तो वे अस्पताल में अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का हवाला देते हुए चुप हो गए और इस लापरवाही पर कोई बात नहीं कही।












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