अब बिहार के शिक्षा मंत्री के बिगड़े बोल, पोटेशियम साइनाइड से की रामचरितमानस की तुलना
बिहार सरकार में शिक्षा मंत्री चंद्र शेखर अपने विवादित बयान को लेकर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने रामचरितमानस की तुलना तीव्र विस्फोटक पोटैशियम साइनाइड की है। बिहार के मंत्री ने कहा कि रामचरितमानस का जिक्र करते हुए कहा कि इस ग्रंथ का वही हाल है, जैसे पचपन प्रकार के व्यंजनों में पोटेशियम साइनाइड मिला हो।
बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्र शेखर का ये पहला बयान नहीं है, जिसके चलते वे सुर्खियों में बने हैं। इससे पहले उन्होंने जातियों पर बयान पर दिया था। इस हफ्ते एक कार्यक्रम में बोलेते हुए बुधवार को मंत्री चंद्रशेखर ने कहा, "यदि आप पचपन प्रकार के व्यंजन परोसें और उसमें पोटेशियम साइनाइड मिलाएं, तो क्या आप इसे खाएंगे? हिंदू धर्म के ग्रंथों का भी यही हाल है।"

वहीं दूसरी ओर बिहार के शिक्षा मंत्री को अपने इस बयान के लिए तीखी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, शिक्षा मंत्री चंद्र शेखर ने गुरुवार यानी 14 सितंबर को हिंदी दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रामचरितमानस को लेकर विवादित बयान दिया था।
वहीं दूसरी ओर बिहार के शिक्षा मंत्री को अपने इस बयान के लिए तीखी प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ रहा है। दरअसल, शिक्षा मंत्री चंद्र शेखर ने गुरुवार यानी 14 सितंबर को हिंदी दिवस पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान रामचरितमानस को लेकर विवादित बयान दिया था। उन्होंने इस साल कहा था कि रामचरितमानस 'समाज में नफरत फैलाता है'।
बिहार के शिक्षा मंत्री के इस बयान की बीजेपी और लोजपा ने आलोचना की है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भी चंद्र शेखर ने कहा, "शिक्षा मंत्री चंद्र शेखर इस तरह के बयान देकर नई पीढ़ी में जहर घोल रहे हैं। उन्हें शर्म आनी चाहिए। वे रामचरितमानस को पोटेशियम साइनाइड कहकर वे नई पीढ़ी के दिमाग में जहर घोल रहे हैं।"
बिहार बीजेपी प्रमुख सम्राट चौधरी ने राजद मंत्री ने कहा कि बिहार के शिक्षा मंत्री की मानसिक स्थिति गड़बड़ है। उन्हें अपना इलाज कराना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, "हमने 2003 में मानसिक अस्पताल खोला था। अगर बिहार सरकार उनका इलाज नहीं करा सकती तो बीजेपी उनका इलाज कराएगी।"












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