भारत में रामनवमी जुलूस नहीं निकलेगा तो क्या पाकिस्तान में निकलेगा- गिरिराज सिंह
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर बिहार के कटिहार जिला पहुंचे। इस दौरान वह जिला प्रशासन के साथ करेंगे विकास की सभी योजनाओँ पर समीक्षा बैठक करेंगे।
पटना, 19 अप्रैल 2022। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह दो दिवसीय दौरे पर बिहार के कटिहार जिला पहुंचे। इस दौरान वह जिला प्रशासन के साथ करेंगे विकास की सभी योजनाओँ पर समीक्षा बैठक करेंगे। कटिहार में लोगों से मुलाक़ात के दौरान गिरिराज सिंह ने कहा कि हनुमान जयंती पर कातिलाना हमले से साबित होता है कि जिन्ना सोच वाले लोग देश को अस्थिर कर अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं। देश के कुछ जिन्ना के सोच वाले लोग घटनाओं के बाद कहते हैं कि उस गली से होकर जुलूस क्यों जाता है।

'1947 में देश का बंटवारा हुआ था गलियों का नहीं'
गिरिराज सिंह ने कहा कि मैं जिन्ना सोच वाले ओवौसी टाइप लोगों से पूछना चाहता हूं कि 1947 में धर्म के आधार पर देश का बंटवारा हुआ था, क्या उस वक्त हिंदू और मुसलमान के नाम पर गलियों को भी बांट दिया गया था। ओवैसी टाइप लोग हिंदू की गली और मुसलमान की गली बता करके विभेद करना चाहते हैं। वैसे लोग जो समाज को बांट रहे हैं कान खोल कर सुन ले जिनको जाना था पाकिस्तान वह चले गए और जिनको यहां रहना था वह हैं। हम अपनी धार्मिक संस्कृति को मनाने के लिए पूरी तरह से आज़ाद हैं।

'असमाजिक तत्व करते हैं माहौल बिगाड़ने की कोशिश'
भारत में रामनवमी जुलूस और हनुमान जयंती नहीं मनाया जाएगा तो क्यो जुलूस बांग्लादेश अफगानिस्तान, पाकिस्तान या अन्य देशों में निकाला जाएगा। मैं देश के तमाम धार्मिक उन्माद फैलाने वाले लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या कभी ताजिया के जुलूस में लाठी, भाला या पत्थरों से हमला नहीं हुआ है। उस वक्त तथाकथित सेकुलर पार्टी के लोग सेकुलर भारतीय कहते हैं कि गांगी जमुनी संस्कृति है। क्या यह गंगा जमुनी संस्कृति है ? भारत में जो शरिया कानून लाना चाहते हैं वह लोग बताए मुहर्रम में हमला नहीं होता है क्या ? यह वही लोग हैं जो कभी हिजाब और कभी सीए कानून के नाम पर देश को तबाह और बर्बाद करना चाहते हैं।
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मुसलमानों को हमने गले से लगाया- गिरिराज
गिरिराज सिंह ने कहा कि जिन्ना के डीएनए वाले हों या ओवैसी हों या कोई और ही क्यों नहीं हो देश में धार्मिक उन्माद नहीं चलने वाला है। भारत में हमारी सहिष्णुता टोलरेंस की हमारी परीक्षा नहीं लें। परीक्षा लेने का समय बीत रहा है। आजादी के बाद पाकिस्तान में जो हमारी मंदिरें थी वह तो टूट गई। हमारी बेटियां मंडप पर से उठ गई। फिर भी हमने कोई आपत्ति दर्ज नहीं की, हमारी मंदिर टूट गई हमारी आबादी गिर गई। लेकिन भारत के अंदर आप तीन करोड़ थे 30 करोड़ हो गए हैं हमने आपको गले लगाया है। आज अगर भारत के अंदर जहांगीरपुरी(दिल्ली), करौली (राजस्थान) और खड़गांव (मध्य प्रदेश) में इस तरह की घटना होती है तो सारे लोग पॉलीटिकल टूरिज्म करने जाते हैं ।

'असमाजिक घटना पर पॉलिटिकल टूर करते हैं नेता'
आसमाजिक घटना होने पर राहुल गांधी से लेकर के लालू यादव बीमार होने के बावजूद पॉलिटिकल टूर करते हुए मांग करते हैं। गिररिराज सिंह ने कहा कि वह लोग क्या मांग करेंगे ? हिंदू अब भारत से कहां जाएंगे ? भारत में अपना जुलूस नहीं निकालेंगे तो क्या पाकिस्तान में निकालेंगे। कोई कहता है जुलूस को बंद कर दिया जाए। धार्मिक जुलूस जिसको बंद करना है वह बंद कर दे। यह देश के साथ सरासर अन्याय है। भारत के अंदर अपने धार्मिक स्वतंत्रता से हम अपने देवी देवताओं का पूजा करेंगे, जिस पर ना रोक लगा है ना ही लगने देंगे।
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