Rakhi Special 2023: भाइयों के लिए गोबर से राखी बना रहीं बहनें, दूसरे प्रदेशों से भी मिल रहे ऑर्डर

Cow dung Rakhi Aurangabad News: रक्षा बंधन के लिए देश भर में तैयारी शुरू हो चुकी है। हर साल की तरह इस साल भी राखी के त्योहार को खास बनाने के लिए बहनें जुटी हुई हैं। इस बार बिहार के औरंगाबाद में गोबर से राखी बनाई जा रही है।

औरंगाबाद जिले के पंचदेव धाम परता (कुटुम्बा प्रखंड) में महिलाएं गोबर से राखी तैयार कर रही है। यहां महिलाएं समूह में काम करते हुए रोज़ाना करीब 150 राखी बना रही हैं। इन महिलाओं को विश्व हिंदू परिषद के गौ रक्षा विभाग से जुड़ी सीमा पांडे प्रशिक्षण दे रही हैं।

Sisters are making rakhi from cow dung

प्रयागराज की रहने वाली सीमा पांडेय ने बताया कि उन्हेंन विश्व हिंदू परिषद के गौ रक्षा विभाग की तरफ से चपरा गौशाला भेजा गया। जब वहां पहुंची तो देखा कि गौशाला में काफी गाय है, लेकिन उनका सही इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इसके बाद उन्होंने अशोक सिंह (अध्यक्ष, पंचदेव धाम चपरा) से बात कर गोबर से उत्पाद बनाने का ज़िक्र किया।

पंचदेव धाम चपरा के अध्यक्ष से अशोक सिंह से बात करने के बाद चार महिलाओं के साथ मिलकर गोबर से उत्पाद बनाने पर काम शुरू किया। धीरे-धीरे समूह से और महिलाएं जुड़कर काम करने लगी। वह रोज़ाना 20 रुपये से लेकर 60 रुपये तक की राखी बनाती हैं। रोज़ाना उन्हों 200 रुपये दिए जाते हैं।

सीमा पांडे की मानें तो यहां बनाई जा रही राखियों के ऑर्डर पटना, दिल्ली और बद्रीनाथ आर्मी कैम्प के साथ अन्य जगहों से भी आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गोबर से बने उत्पाद के कई फायदे हैं, यह रेडिएशन को सोख लेता है। कलाई पर राखी बंधे रहने आप रेडिएशन से भी बचे रहेंगे।

गोबर से बने उत्पाद को कहीं फेंक भी देंगे तो वह कुठ दिनों बाद उर्वरक की शक्ल ले लेगा। इसलिए गोबर से बने उत्पाद को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन का त्योहार आने वाला है, इसलिए गोबर से राखी बनाने पर ज़्यादा ध्यान दिया जा रहा है।

गोबर से राखी बनाने के अलाव एंटी रेडिएशन चिप, पहनने वाला माला, ब्रेसलेट, दीया, तितली, मूर्तियां, शुभ-लाभ और स्वास्तिक समेत कई चीज़ें बनाई जा रही हैं। गोबर से उत्पाद बनाने पर चर्चा करते हुए सीमा ने बताया कि राखी बनाने के लिए सबसे पहले गोबर सूखने दिया जाता है, जिससे उसकी गंध ना के बराबर हो जाती है।

गोबर के सूखने के बाद उसका चूर्ण तैयार कर हल्दी और चंदन मिलाते हैं। सबसे आखिर में गवार फली का चूर्ण मिलाते हैं। इसके बाद गोबर को आंटे की तरह गूंद लेते हैं। इसमें गवार फली गोंद की तरह काम करती है। इसकी वजह से गोबर का मिश्रण सख्त होने के साथ ही चमकदार भी हो जाती है। राखी को तैयार करने के बाद सुखाकर पेंट करते हैं।

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