बिहारः पिता चलाते हैं ऑटो और बेटियां लाती हैं घर में मेडल, छोटी बहन का खेलो इंडिया में हुआ चयन
पूर्णिया। कहते हैं कि जब आप किसी भी चीज को शिद्दत से चाहो तो उसको आपसे मिलाने में पूरी कायनात जुट जाती है। इस बात को चरितार्थ करती है पूर्णिया के ऑटो चालक की बेटी की कहानी। ऑटो चालक की दोनों बेटियों ने न केवल एथलेटिक्स में राष्ट्रीय स्तर तक की छलांग लगाई है बल्कि एक बेटी का चयन साइकिलिंग में खेलो इंडिया के लिए भी हो गया है।

दोनों बेटियां नेशनल खेल चुकी हैं
जिले के शारदा नगर के ऑटो चलाक दिनेश की 14 वर्षीय बेटी शालिनी को साइकिलिंग में खेलो इंडिया के लिए चुना गया है। उनकी इस सफलता से परिजन से लेकर लोगों में काफी खुशी है। शालिनी साल 2017 में एथलेटिक्स में नेशनल खेल चुकी हैं। जबकि शालिनी की बहन तान्या भी एथलेटिक्स में तीन बार नेशनल खेल चुकी है। इतनी छोटी सी उम्र में ही दोनों बहनों ने घर में मेडल और सिल्ड का ढेर लगा दिया है।

' ये सब पिता की मेहनत का नतीजा '
न्यूज 18 से बात करते हुए शालिनी ने कहा कि ये सब उनके पिता की मेहनत का नतीजा है। वो आगे बढ़कर राष्ट्रमंडल और ओलंपिक में देश के लिए गोल्ड मेडल लाएंगी और इसके लिए दोनों बहनें कड़ी मेहनत भी करती हैं। तान्या कहती हैं कि उनके पिता दंगल फिल्म के आमिर खान की तरह सुबह तीन बजे से ही उनको प्रैक्टिस करवाते हैं। वो ऑटो चलाकर काफी कम कमाई में भी बेटियों को कभी किसी बात की कमी नहीं होने देते।

पिता को बेटियों पर है नाज
उनलोगों के खेलने का सामान से लेकर डाइट तक का पूरा ध्यान रखते हैं। आज उन्ही की बदौलत दोनों बहनें नेशनल तक में धाक जमा चुकी हैं। अपनी दो बेटियों की इस सफलता से शालिनी और तान्या के पिता दिनेश कुमार की आखों से खुशी के आंसू निकल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बचपन में जब उसने शालिनी को कहा था कि बेटी उन्हें बड़ा मेडल चाहिये तो उसने उसी समय अपनी मेहनत से प्रथम स्थान पाकर अटल मैराथन प्रतियोगिता जीता था।












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