Bihar Politics: लोकसभा चुनाव में बिहार के सियासी समीकरण को क्या बदल पाएंगे प्रशांत किशोर?
Jan Suraaj News: आगामी चुनाव के मद्देनज़र बिहार में प्रशांत किशोर सियासी ज़मीन तलाश रहे हैं। जन सुराज पद यात्रा के तहत वह प्रदेश के विभिन्न ज़िलों मे जाकर मतदाताओं से रूबरू होने का सिलसिला शुरू किया है। मौजूदा वक्त में उनकी पदयात्रा समस्तीपुर जिले में चल रही है।
मीडिया से मुखातिब होते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज व्यवस्था बनाना ज़रूरी है, नहीं तो समाज के लोग कल की तारीख में कहेंगे कि प्रशांत किशोर गांवों की गलियों से लेकर शहर की सड़कों तक घूम रहे हैं, लेकिन इनकी कोई पकड़ नहीं है।

प्रशांत किशोर ने कहा कि बिहार में चुनाव लड़ने आया हूं, पूरी ताक़त से चुनावी मैदान में उतरूंगा। लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार और भाजपा नेता मुझे धकिया नहीं सकते हैं। बिहार में इतनी ताक़त से चुनाव लड़ूंगा कि सभी नेताओं के दांत खट्टे हो जाएंगे।
जनता से मुखातिब होते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि आप लोग बंगाल में मेरा काम देख चुके हैं, किस तरह से मैंने भाजपा का नस ढीला किया था। भाजपा ने चुनाव में पूरे भारत की ताकत लगा दी थी, बीजेपी को जितना पैसा लगाना था, उन्होंने लगाया। मैंने कहा था कि भाजपा 100 पार नहीं होगी, नतीजा सबने देखा क्या भाजपा 100 के पार हुई?
प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव में कई लोग सिर्फ लड़ने के लिए ही मैदान में उतरते है। पीके ने कहा कि हम उन लोगों में से नहीं है, अगर चुनाव लड़ने आये हैं तो आप लोग यह भी मान कर चलें कि जीतने का खाका भी बनाकर आए होंगे।
चुनाव लड़ना मुश्किल काम है, लेकिन यह सोच समझ कर आए हैं कि चुनावी बिगुल फूंकने में कितनी ताक़त लगेगी, कितना पसीना बहेगा, कैसी व्यवस्था बनानी होगी और कितने संसाधनों की ज़रूरत पड़ेगी। चुनाव लड़ने के मद्देनज़र सभी चीज़ों की व्यवस्था बनाने के लिए आप लोगों के बीच आए हैं।
जन संवाद के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि जो नेता सोच रहे हैं कि मुझे धकिया देंगे, वह ग़लतफहमी मे हैं। हम बिहार के बेटा हैं, बड़े-बड़े सूरमाओं के नाक में दम कर देते हैं। देशभर के नेता चुनाव लड़ने में मुझसे सलाह लेते हैं। ये नेता मेरा कुछ नहीं कर सके हैं।
प्रशांत किशोर ने कहा कि समाज के लोग एक बार साथ खड़े हो गए तो जन बल के आगे कोई भी बल खड़ा नहीं हो सकता है। आप सभी लोग बिहार के भविष्य के लिए फिक्र कीजिए, किसी का बंधुआ मज़दूर नहीं बनिए। बिहार के सियासी जानकारों की मानें तो बिहार में पीके एक अलग सियासी समीकरण तैयार कर सकते हैं।
राजनीतिक सलाहकारों की मानें तो प्रशांत किशोर की चुनावी रणनीति का बिहार के दिग्गज नेता भी लोहा मानते हैं। पीके की चुनावी रणनीति से राजनीतिक पार्टियां हारी हुई बाज़ी भी जीत जाती है। पंजाब चुनाव में जिस तरह से आम आदमी पार्टी ने इतिहास दर्ज किया है, बिहार में प्रशांत किशोर चुनावी इतिहास लिख सकते हैं। सियासी जानकारों का मानना है कि बिहार में प्रशांत किशोर सियासी फ़िज़ा बदल सकते हैं।












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