'भाजपा की मदद...' वाले बयान पर PK ने 4 फोटो ट्वीट कर नीतीश पर किया पलटवार, बाद में डिलीट कर दी पोस्ट
नई दिल्ली, 08 सितंबर। नीतीश कुमार एक तरफ विपक्ष को एक करने में जुटे हैं और दिल्ली में विपक्ष के सभी नेताओं से मिल भी रहे हैं। लेकिन इसी बीच उनके और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के बीच जंग छिड़ गई है। प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के उस बयान को लेकर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि प्रशांत किशोर भाजपा की गुप्तरूप से मदद करते हैं। प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार के भाजपा के साथ पिछले गठबंधन को लेकर कटाक्ष करते हुए बिना कोई संदेश पोस्ट किए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ जनता दल (यूनाइटेड) के नेता की पुरानी तस्वीरें ट्विटर पर साझा की। हालांकि, बाद उन्होंने सभी ट्वीट डिलीट भी कर दी।


नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर को लेकर कही थी ये बात
बुधवार को नीतीश कुमार ने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और पार्टी के पूर्व सहयोगी को फटकार लगाई, जिन्होंने कहा था कि गठबंधन बदलने के जद (यू) के फैसले का क्षेत्रीय प्रभाव होगा, न कि राष्ट्रीय प्रभाव। साथ ही नीतीश कुमार ने किशोर को पब्लिसिटी एक्सपर्ट बताया और कहा कि प्रशांत किशोर गुप्तरूप से भाजपा की मदद करते हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि अन्य राजनीतिक पार्टियों के साथ काम करना प्रशांत किशोर का व्यापार है। उन्हें बिहार में जो कुछ करना है, उससे हमें कोई मतलब नहीं है। क्या जो 2005 में किया गया, उसका 'एबीसी' वह जानते हैं।

नीतीश बोले उनके बयान का कोई मतलब नहीं
नीतीश कुमार ने कहा कि प्रशांत किशोर जो भी बयान दे रहे हैं उसका कोई मतलब नहीं है। हो सकता है कि वह भाजपा के साथ रहना चाहते हों। हो सकता है, वह उनकी मदद करना चाहता हो।

प्रशांत किशोर ने कही थी ये बात
किशोर ने पहले जोर देकर कहा था कि नीतीश के शामिल होने के बाद बिहार में महागठबंधन को बढ़ावा देना एक "राज्य-विशिष्ट" घटना थी। इसके राष्ट्रव्यापी प्रभाव होने की संभावना नहीं थी। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि राज्य में हालिया राजनीतिक उथल-पुथल "राजनीतिक अस्थिरता" का प्रतीक है, जो मोदी के नेतृत्व में "नई भाजपा" के उदय के बाद से राज्य को परेशान कर रही है। इस दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि हम सिर्फ इतना कहना चाहते हैं कि नीतीश कुमार सत्ता में रहेंगे, जैसा वह इतने दिनों से करते आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया, "मैं आपको लिखित रूप में बता सकता हूं कि 2025 में बिहार में होने वाले अगले विधानसभा चुनाव में एक और बदलाव देखने को मिलेगा। हम नहीं जानते कि कौन सी पार्टी या नेता किस तरफ उतरेगा। लेकिन मौजूदा परिदृश्य बदल जाएगा।

प्रशांत किशोर 4 साल पहले हुए थे JDU में शामिल
किशोर को चार साल पहले जद (यू) में शामिल किया गया था। हालांकि, सीएए-एनपीआर-एनआरसी मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व के साथ तीखे मतभेदों के बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। बता दें कि प्रशांत किशोर ने हाल ही में बिहार में 'जन सूरज' नाम से एक जन संपर्क कार्यक्रम शुरू किया, जिसके एक राजनीतिक दल में परिणत होने की संभावना है।












Click it and Unblock the Notifications