क्या अभी से जाल बिछा रहे हैं मुकेश सहनी ? NDA से ऑफर के बीच VIP सुप्रीमो ने कर दी बड़ी डिमांड
विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के प्रमुख मुकेश सहनी ने एक बार फिर बिहार की राजनीति में हलचल मचा दी है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या वह एनडीए (NDA) में शामिल होंगे और तेजस्वी यादव को झटका देंगे? इन अटकलों के बीच, मुकेश सहनी को एनडीए में शामिल होने का ऑफर भी मिल गया है।
मुकेश सहनी ने एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में बताया कि उनकी पार्टी 2025 का विधानसभा चुनाव तेजस्वी यादव के नेतृत्व में ही लड़ेगी। उन्होंने कहा, "हम सत्ता के भूखे नहीं हैं, लेकिन निषाद आरक्षण के लिए लड़ते रहेंगे।" इस बयान के साथ ही उन्होंने अपनी शर्त भी जोड़ दी। उनका कहना है कि भाजपा जब तक इन मांगों को पूरा नहीं करती बातचीत की संभावना नहीं है, लेकिन यहां सवाल ये है कि क्या मांग पूरी होने पर वो एनडीए से रिश्ता जोड़ सकते हैं?

आरक्षण की मांग पर अड़े मुकेश सहनी
मदन सहनी और जमा खान द्वारा एनडीए में शामिल होने के ऑफर पर प्रतिक्रिया देते हुए, मुकेश सहनी ने कहा, "हमको किसी का कोई ऑफर नहीं चाहिए। किसी से कुछ चाहिए तो निषाद का आरक्षण चाहिए। हम बिहार में मजबूती से इंडिया गठबंधन के साथ हैं। मजबूती से आगे अपनी सरकार बनाएंगे। 2020 में हमारे पास वो ताकत थी कि बिहार में हमने सीएम बनाया था। अगर हमारा समर्थन नहीं होता तो नीतीश कुमार मुख्यमंत्री नहीं बनते।"
मुकेश सहनी ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी प्राथमिकता कुर्सी या पावर नहीं है, बल्कि बदलाव लाना है। उन्होंने कहा, "कुर्सी पर और पावर में आने के लिए हम काम नहीं करते हैं। हम उस कुर्सी पर बैठेंगे जिससे बदलाव हो।"
उन्होंने यह भी बताया कि 2014, 2015 और 2020 में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मदद की थी और अब वे निषाद आरक्षण लागू करने की उम्मीद कर रहे हैं जिसका वादा किया गया था।
बीजेपी से आरक्षण की उम्मीद
बीजेपी द्वारा आरक्षण की मांग मान लेने पर क्या वे बीजेपी से हाथ मिला लेंगे? इस सवाल पर मुकेश सहनी ने कहा, "पहले तो हमने उनके लिए तीन-तीन बार काम किया है। उसका मेहनताना तो वो पहले दें। वो आरक्षण दें। देंगे तो उसके बदले में हम उनको धन्यवाद कहेंगे। इसके बाद का क्या होगा वो तो समय बताएगा। अभी मजबूती से इंडिया गठबंधन के साथ हैं।"
मुकेश सहनी ने जोर देकर कहा कि आने वाले समय में भी उनकी ताकत से सरकार बनेगी और वे तेजस्वी यादव के साथ इंडिया गठबंधन में मजबूती से खड़े रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार है और उन्हें निषाद आरक्षण देना चाहिए जैसा कि वादा किया गया था।
राजनितिक जानकारों का मानना है कि ये सहनी के प्रेशर पॉलिटिक्स का पार्ट है। माना जा रहा है कि एनडीए में वापस शामिल होने की चर्चाओं से महागठबंधन पर दवाब बनेगा जिससे ज्यादा उम्मीद है कि सहनी की मांग को लेकर गठबंधन कुछ विचार करे। हालांकि, ये देखने वाली बात होगी कि इन चर्चाओं का आने वाले भविष्य में क्या निष्कर्ष निकलता है।












Click it and Unblock the Notifications