Bihar Election 2025: कर्पूरी ठाकुर के गांव से पीएम मोदी की चुनावी हुंकार, NDA के ‘EBC मिशन' की रणनीति
Bihar Election 2025 (PM Modi Rally) : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की सियासी सरगर्मी अब तेज हो चुकी है और आज इसका सबसे अहम मोड़ आने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (24 अक्टूबर) को बिहार में अपने चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत करने जा रहे हैं।
इसकी शुरुआत वे करेंगे कर्पूरीग्राम (समस्तीपुर) से-जहां वे भारत रत्न पूर्व मुख्यमंत्री जननायक कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि देंगे। यह सिर्फ एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि NDA के 'EBC मिशन' की मजबूत शुरुआत भी मानी जा रही है।

कर्पूरीग्राम से क्यों शुरू कर रहे हैं मोदी अपना कैंपेन?
कर्पूरी ठाकुर (1918-1988) न सिर्फ बिहार बल्कि देश के समाजवादी आंदोलन के सबसे बड़े प्रतीकों में गिने जाते हैं। उन्होंने पिछड़े, दलित और अत्यंत पिछड़े वर्गों के अधिकारों के लिए जीवनभर संघर्ष किया। आरक्षण की उनकी नीति ने बिहार की राजनीति की दिशा बदल दी थी।
यही वजह है कि प्रधानमंत्री मोदी आज सुबह 11 बजे कर्पूरीग्राम पहुंचकर उनके स्मारक स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वे दो बड़ी रैलियों को संबोधित करेंगे-पहली समस्तीपुर में 12:15 बजे और दूसरी बेगूसराय में दोपहर 2 बजे।
एनडीए इस दौरे के जरिए यह संदेश देना चाहता है कि कर्पूरी ठाकुर की असली विरासत उन्हीं के पास है। बिहार की लगभग 30 से 35 प्रतिशत आबादी अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) की है, जो 100 से ज्यादा जातियों का समूह है। यही वर्ग अब हर राजनीतिक दल के लिए 'किंगमेकर' बन चुका है।
विपक्ष पर PM मोदी का तीखा हमला: 'गठबंधन नहीं, लठबंधन है ये!'
चुनावी रैलियों से पहले ही प्रधानमंत्री मोदी ने 'मेरा बूथ सबसे मजबूत' कार्यक्रम में बिहार के युवा कार्यकर्ताओं से वर्चुअल संवाद किया था। इसी दौरान उन्होंने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि "जो खुद को गठबंधन कहते हैं, जनता उन्हें लठबंधन कहती है। इनका मकसद बिहार के युवाओं की नहीं, अपनी कुर्सी की चिंता है।"
पीएम मोदी ने आरोप लगाया कि विपक्ष के दौर में बिहार नक्सलवाद और माओवादी हिंसा से जूझता रहा। उन्होंने कहा कि "इन लोगों ने बिहार को अंधकार में धकेला, स्कूल-कॉलेज बंद करवाए, उद्योगों को पनपने नहीं दिया। NDA सरकार ने 2014 से बिहार को जंगलराज के अंधेरे से निकालकर विकास के उजाले में लाने का काम किया है।"
बेगूसराय और समस्तीपुर में होगी रैली, NDए के 'विकास मॉडल' की झलक
कर्पूरीग्राम से श्रद्धांजलि देने के बाद प्रधानमंत्री मोदी का अगला पड़ाव होगा समस्तीपुर और फिर औद्योगिक नगरी बेगूसराय। समस्तीपुर सीट लंबे समय से RJD का गढ़ रही है। यहां 2010 से लगातार तीन बार RJD के अख्तरुल इस्लाम शाहीन जीतते आ रहे हैं। वहीं, बेगूसराय को बिहार की 'औद्योगिक राजधानी' कहा जाता है और यह कवि रामधारी सिंह दिनकर की जन्मभूमि भी है।
इन दोनों जिलों में पीएम मोदी अपनी रैलियों में केंद्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को गिनाएंगे-सड़क, बिजली, शिक्षा, कृषि और युवाओं के रोजगार पर फोकस रहेगा। माना जा रहा है कि पीएम मोदी यहां से विपक्ष पर एक बार फिर जंगलराज, भ्रष्टाचार और परिवारवाद के मुद्दे पर निशाना साधेंगे।
महागठबंधन की 'EBC रणनीति' पर भी रहेगा BJP का फोकस
महागठबंधन (RJD, कांग्रेस, वाम दल और VIP समेत) भी इस बार EBC वोट बैंक को साधने के लिए पूरी ताकत झोंक रहा है। VIP प्रमुख मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री का चेहरा बनाकर RJD निषाद-मल्लाह समुदाय को जोड़ने की कोशिश में है।
लेकिन NDA का कर्पूरी ठाकुर की विरासत से जुड़ना, इस समीकरण को तोड़ने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। बीजेपी और जेडीयू दोनों मिलकर यह संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि कर्पूरी ठाकुर की नीतियों को आगे बढ़ाने वाला असली गठबंधन NDA ही है।
जंगलराज बनाम विकासराज: बिहार की सियासत का असली नैरेटिव
पीएम मोदी का आज का दौरा सिर्फ रैलियों का सिलसिला नहीं, बल्कि बिहार के चुनावी नैरेटिव को सेट करने की रणनीतिक शुरुआत है। पिछले महीनों में पीएम मोदी कई रैलियों में आरजेडी-कांग्रेस पर हमला बोल चुके हैं। उन्होंने कहा था कि "विपक्ष ने बिहार को लूटा, हमने इसे संवारा। उन्होंने अराजकता दी, हमने विकास दिया।"
पूर्वी चंपारण और पूर्णिया में हुई पिछली रैलियों में भी उन्होंने 'जंगलराज' का मुद्दा उठाते हुए आरजेडी सरकार के दौर की याद दिलाई थी। अब कर्पूरी ठाकुर की धरती से अभियान की शुरुआत कर पीएम मोदी उस संदेश को और गहराई से जनता तक पहुंचाना चाहते हैं-कि NDA ही बिहार को स्थिरता, सुरक्षा और समावेशी विकास दे सकता है।
EBC और युवाओं पर फोकस, NDA की 'डबल इंजन' पिच
मोदी सरकार बिहार में 'डबल इंजन' के फायदे पर भी जोर देगी। एनडीए का चुनावी कैंपेन युवाओं, रोजगार, सामाजिक न्याय और विकास की राजनीति पर केंद्रित रहेगा। बीजेपी का मानना है कि बिहार में जो 30-35% अत्यंत पिछड़ा वर्ग है, वही इस बार चुनाव का ट्रेंड तय करेगा।
प्रधानमंत्री मोदी का कर्पूरीग्राम से शुरुआत करना एक राजनीतिक संदेश भी है कि NDA न सिर्फ कर्पूरी ठाकुर की विचारधारा को सम्मान दे रहा है, बल्कि सामाजिक न्याय के उसी रास्ते पर आगे बढ़ने का दावा भी कर रहा है।












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