Bihar Politics: 4 दिन में फड़फड़ा कर शांत हो जाएंगे, उनकी सरकार है, अगर हिम्मत है तो हमको जेल भेज कर दिखाएं-PK
PK Bihar Politics: मुजफ्फरपुर में जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने अपनी बिहार बदलाव यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सांसद संजय जायसवाल पर करारा प्रहार किया।
सकरा विधानसभा क्षेत्र स्थित श्री बलिराम हाई स्कूल मैदान में आयोजित 'बिहार बदलाव जनसभा' को संबोधित करने के बाद उन्होंने पत्रकारों से बातचीत की और बिहार की राजनीति, बेरोजगारी और केंद्र-राज्य सरकारों की नीतियों पर सवालों की बौछार कर दी।

बिहार में चुनाव होते ही मोदी जी जरूर आएंगे- PK
पूर्णिया दौरे का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, "बिहार में चुनाव होते ही मोदी जी जरूर आएंगे। देश-दुनिया की बातें करेंगे, राहुल गांधी को कोसेंगे, लेकिन ये नहीं बताएंगे कि बिहार में उद्योग कब लगेंगे। मुजफ्फरपुर के नौजवानों को सूरत जाकर मजदूरी क्यों करनी पड़ती है, इसका जवाब कौन देगा?" उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री की रैलियों में बड़े वादे किए जाते हैं, पर राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और औद्योगिक निवेश को लेकर कोई ठोस रोडमैप नहीं दिया जाता।
नीतीश सरकार पर पेपर लीक और युवाओं पर लाठीचार्ज का आरोप
स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर सीएम नीतीश पर निशाना साधते हुए प्रशांत किशोर बोले, वोट लेने के लिए जिन युवाओं पर लाठी चलवाते हैं, उन्हीं को लोन देने की बात करते हैं। एक ओर लोन का वादा, दूसरी ओर पेपर लीक। यह सरकार नौकरी बेचने वाली, पेपर लीक कराने वाली और युवाओं पर लाठी चलाने वाली है।
बिहार के लोगों को अब नीतीश कुमार का पैसा नहीं चाहिए, उन्हें उनकी कुर्सी खाली चाहिए। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक ने युवाओं का भरोसा तोड़ा है और राज्य में नौकरी की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं।
संजय जायसवाल पर सीधा पलटवार
भाजपा सांसद संजय जायसवाल द्वारा जेल भेजने की धमकी पर प्रशांत किशोर ने तीखी प्रतिक्रिया दी। "संजय जायसवाल को देश में कोई नहीं जानता था। मेरा नाम लेकर वो खबरों में बने हुए हैं। चार दिन में खुद फड़फड़ा कर गिर जाएंगे। उनकी सरकार है, दिल्ली और पटना दोनों जगह। हिम्मत है तो मुझे जेल में डलवाकर दिखाएं।" किशोर ने कहा कि जन सुराज अभियान को डराने या दबाने की कोई भी कोशिश सफल नहीं होगी।
जन सुराज अभियान की अगली राह
मुजफ्फरपुर में हजारों लोगों की भीड़ को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने साफ किया कि जन सुराज का मकसद केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि शासन व्यवस्था में पारदर्शिता लाना है। उन्होंने कहा कि अगले चरण में उनकी टीम गांव-गांव जाकर स्थानीय समस्याओं का दस्तावेजीकरण करेगी और "जनता का एजेंडा" तैयार कर जनता के सामने रखेगी।
राजनीतिक मायने
लोकसभा चुनाव 2024 के बाद बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियां तेज हैं। प्रशांत किशोर के तीखे बयान को विपक्ष के लिए सरकार विरोधी माहौल बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पीएम मोदी और सीएम नीतीश दोनों पर सीधा हमला कर उन्होंने खुद को बड़े राजनीतिक मुकाबले का हिस्सा दिखाया है।
मुजफ्फरपुर की यह जनसभा न केवल प्रशांत किशोर की राजनीतिक सक्रियता का संकेत देती है, बल्कि आने वाले महीनों में बिहार की सियासत को और गरमाने का इशारा भी करती है। बेरोजगारी, औद्योगिक निवेश और पेपर लीक जैसे मुद्दे इस बार के चुनावी विमर्श का केंद्र बन सकते हैं। और प्रशांत किशोर ने इन बिंदुओं को बेहद आक्रामक तरीके से उठाकर राज्य की सियासी हलचल को तेज कर दिया है।












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