बिहार: लोग पहुंचे तो थे तिरंगे को सलामी देने लेकिन सांप देखकर देशभक्ति का जज्बा हो गया पस्त
लोग इतना डर गए की माहौल अफरा-तफरी का हो गया। अब तिरंगे की सलामी इस पर निर्भर थी कि सांप लोगों को कार्यक्रम करने की कब इजाजत देता है। घंटों इंतजार के बाद आखिरकार तिरंगा लहराया।
पटना। देश के वीर सपूतों ने जिस भारत माता के लिए अपनी जान कुरबान कर दी उसी देश के कुछ ऐसे भी नागरिक हैं जिसे तिरंगे को सलामी देने में भी डर लगने लगा। तिरंगे का सम्मान मात्र सरकारी रिवायत समझने वाले कर्मचारियों को 6 मीटर के एक सांप ने डरा दिया। भारत की शान में फहराया जाने वाला तिरंगा यूं तो हर किसी में जोश भर देता है लेकिन सांप ने आकर सबका जोश ठंडा कर दिया।

सांप देखकर उड़ गए लोगों के होश, मच गई अफरा-तफरी
दरअसल बिहार के मोतिहारी में एक गांव है कल्याणपुर जहां लोगों ने झंडा फहराने की तैयारी तो जोरशोर से की लेकिन जैसे ही कार्यक्रम शुरू किया गया सभी के होश उड़ गए। तिरंगे के ऊपरी छोर पर पाइप से लिपटा एक सांप दिखा तो तिरंगे को सलामी देने वाले कितने हिम्मती हैं सब पता पड़ गया। बजाए उस सांप को भगाकर कार्यक्रम आगे बढ़ाने के सभी भाग खड़े हुए।

सांप ने तय किया कब दी जाए तिरंगे को सलामी
लोग इतना डर गए की माहौल अफरा-तफरी का हो गया। अब तिरंगे की सलामी इस पर निर्भर थी कि सांप लोगों को कार्यक्रम करने की कब इजाजत देता है। लोकतंत्र की आजादी का सुख भोगकर घंटों बाद सांप नीचे की तरफ उतरने लगा। दूर से सांप पर नजर बनाए लोगों को तब जाकर थोड़ी हिम्मत आई और उन्होंने कार्यक्रम पूरा करने का मन बनाया।

पहले सांप ने डराया बाद में रस्सी से भी लगने लगा लोगों को डर
डरते हुए ही सही लोग फिर तिरंगा स्थल पर पहुंचे और तिरंगे की डोर को आहिस्ता देखभाल की। कहते हैं ना दूध का जला छाज भी फूंक-फूंक कर पीता है, कहीं सांप को रस्सी न समझ बैठें देखना था भी जरूरी। अच्छा था कि इन्होंने रस्सी को सांप नहीं समझा और जैसे-तैसे तिरंगा आखिर फहर ही गया। तिरंगे ने तो डर के शिकार इन लोगों को इक्ट्ठा कर दिया लेकिन तिरंगे के लिए ये लोग इक्ट्ठा नहीं हो सके।












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