Bihar की बेटी सान्वी ने Gold Medal जीत कर बढ़ाया प्रदेश का मान, नेशनल रिकॉर्ड में नाम शामिल
9-11 उम्र वर्ग में सान्वी ने सबसे कम वक्त में 200 मीटर की रेस को खत्म करते नेशनल रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इसके साथ ही प्रदेश के नाम एक गोल्ड मेडल पर भी कब्जा जमाया है।

Bihar में प्रतिभा की कमी नहीं है, अब बेटों की तरह ही बेटियां भी अपने हुनर को लोहा मनवाते हुए प्रदेश का नाम रोशन कर रही है। बिहार की बेटी ने सान्वी ने बैंगलोर में आयोजित 60वी नेशनल रोलर स्केटिंग चैंपियनशिप प्रदेश का क्षंडा बुलंद किया है। 9-11 उम्र के कैटेगिरि में सान्वी चौहान ने गोल्ड मेडल पर क़ब्जा जमाया है। इसके साथ ही उसने 200 मीटर की रेस को सबसे कम वक्त में पूरा करने का नेशनल रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। सान्वी की इसी रिकॉर्ड की वजह से बिहार के खाते स्केटिंग का पहला गोल्ड मेडल आया है।

बिहार स्केट एसोसिएशन ने दी बधाई
सान्वी और उसके कोच अभिषेक को बिहार स्केट एसोसिएशन ने बधाई दी है। पटना निवसा सान्वी ने जीत का श्रेय अपनी मां अनपमा कुमारी और कोच अभिषेक कुमार को दिया। उसने कहा कि सुबह 4 बजे से सुबह 7 बजे और शाम 4 बजे से शाम 7 बजे तक उसकी मां बिना वक्त ज़ाया किए प्रैक्टिस करवाती थीं। सान्वी के कोच अभिषेक शर्मा ने सान्वी की तारीफ़ की, इसके साथ ही उन्होंने कहा कि शुरू से ही सान्वी मेहनती छात्रा रही है।

सान्वी ने कड़ी मेहनत से हासिल किया ये मुकाम
कोच अभिषेक ने बताया की इससे पहले सीबीएसई नेशनल गेम्स 2019 में सान्वी ने रजत पदक पर क़ब्ज़ा जमाया था। इसके बाद से उसने नेशनल पदक हासिल करने का ही लक्ष्य बनाया था। बिना बेहतर इंतज़ाम के सान्वी ने महेनत की। अपनी प्रैक्टिस के लिए वह कभी राबड़ी आवास तो कभी ईको पार्क के रोड जाती थी। बिना उचित संसाधन के प्रैक्टिस कर सान्वी ने यह मुकाम हासिल किया है। सान्वी की कामयाबी ने उन सभी बच्चों के लिए प्रेरणा बनेगी जो अपनी कामयाबी के लिए लगातार कोशिश करते रहते हैं। कोशिश करने वालों को कामयाबी ज़रूर मिलती है।

न्यूज़ीलैंड में भी लहरया प्रदेश का परचम
न्यूज़ीलैंड में आयोजित जूनियर कॉमनवेल्थ पॉवर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में कीर्ति राज सिंह ने 6 गोल्ड मेडल जीते हैं। पटना की रहने वाली कीर्ति बिहार की पहली बेटी हैं जिन्होंने पहली बार में पॉवर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में 6 गोल्ड मेडल जीता है। शुक्रवार को पटना पहुंचने के बाद कीर्ति अपने जिम में गई, जहां उन्होंने पॉवर लिफ्टिंग की तैयारी की थी। इसके साथ ही उन्होंने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता और कोच करण कुमार को दिया। कीर्ति ने कहा कि इस मुकाम तक पहुंचने में उनसे ज्यादा संघर्ष परिवार वाले और उनके कोच ने किया है।
ये भी पढ़ें: Bihar Proud Daughter: बिहार की बेटी 'अनीशा को सलाम', 18 हज़ार फीट की ऊंचाई पर लहराया तिरंगा












Click it and Unblock the Notifications