पिता के हत्यारे के सीने में उतार दी थी 32 गोली फिर करीब 20 लोगों को मार डाला, ऐसी है खौफनाक कहानी
पटना।
बिहार पुलिस को शुक्रवार के दिन बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने 20 से ज्यादा मर्डर के आरोपित साइको किलर को गिरफ्तार करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। पकड़ा गया साइको किलर का नाम अविनाश श्रीवास्तव है। बताया जा रहा है कि पटना पुलिस को रक्सौल के एक होटल में उसके छिपे होने की जानकारी मिली थी। जिसके बाद कार्रवाई करते हुए बुधवार रात उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस कार्रवाई में उसके साथ मौजूद दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि अविनाश अपनी मां के साथ इस होटल में छिपा हुआ था और नेपाल भागने की फिराक में था। id="toptextpromo"> id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'>
पिता के हत्यारे को मारी थी 32 गोली
2003 में अविनाश ने पिता की हत्या के मुख्य आरोपी मोईन खान को फिल्मी अंदाज में 32 बार गोलियों से भूना। हालांकि उसका कहना है कि फिल्म के क्लाइमैक्स में 32 बार गोली मारने वाला सीन उसी के वारदात की नकल थी। इसको पुलिस ने एक बैंक में चोरी को दौरान गिरफ्तार किया। वह वैशाली के महुआ इलाके के सेंट्रल बैंक से करोड़ो रूपए चंपत करने की फिराक में गेट को गैस कटर से काट ही रहा था। इसके खिलाफ हत्या के अलावा डकैती के भी केस दर्ज हैं।

साल 2002 में हुई थी पिता की हत्या
पुलिस जांच में इस साइको किलर को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। पुलिस ने बताया कि अविनाश श्रीवास्तव एक शार्प शूटर है, वो पूर्व एमएलसी ललन श्रीवास्तव का बेटा है। पटना के कंकड़बाग में स्थित एमआइजी कॉलोनी का रहने वाला था। अविनाश के पिता ललन श्रीवास्तव की साल 2002 में हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद उसने अपने पिता की हत्या का बदला लेने का इरादा बनाया।

आरोपित के पास है एमसीए की डिग्री
पुलिस रिकार्ड में उसके खिलाफ हत्या के 20 से अधिक मामले दर्ज पाए गए हैं। बताया जा रहा है कि अविनाश काफी पढ़ा-लिखा है।उसके पास एमसीए की डिग्री थी। दिल्ली में रहते हुए पढ़ाई करने के बाद उसने एक बड़ी कंपनी में अच्छे पद पर नौकरी शुरू की थी। हालांकि पिता की हत्या के बाद उसकी जिंदगी बदल गई और फिर उसने अपराध की राह पकड़ ली।

पुलिस के लिए बन गया था सिरदर्द
पुलिस के हत्थे चढ़े अविनाश के खिलाफ हाजीपुर इलाके में कई वारदातों को अंजाम देने के आरोप हैं। हाजीपुर के साथ-साथ पटना में भी उसने कई वारदातों में शामिल होने के आरोप हैं। साल 2018 में पटना की पूर्व डिप्टी मेयर के पति और पूर्व पार्ड पार्षद दीना गोप की हत्या में भी उसे शामिल बताया जाता है। वह हाल ही में हाजीपुर जेल से छूटा था। जेल से निकलने के बाद ही वह नेपाल भागने के फिराक में था। जब पटना पुलिस को उसकी इस हरकत की जानकारी मिली। जिसके बाद पुलिस ने रक्सौल से उसे गिरफ्तार कर लिया।












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