लालू के करीबी का दावा- खतरे में नीतीश सरकार, तेजस्वी के संपर्क में NDA के 21 विधायक
पटना। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के खास कहे जाने वाले विधायक भाई वीरेंद्र ने बातचीत करते हुए बताया कि लालू यादव के जेल जाने के बाद तेजस्वी यादव के संपर्क में एनडीए के 21 से ज्यादा MLA हैं। भाई वीरेंद्र द्वारा दिए गए इस बयान के बाद बिहार की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। हालांकि उन्होंने किसी भी विधायक का नाम नहीं लिया और इशारों ही इशारों में कहा कि जदयू से खफा होकर राजद का दामन थामने वाले जदयू विधायक सरफराज अहमद तो सिर्फ ट्रेलर है अभी पूरी फिल्म बाकी है।

'21 विधायक कभी भी छोड़ सकते है एनडीए का दामन'
राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता और मनेर से विधायक भाई वीरेंद्र के इस दावे के बाद NDA गठबंधन को लेकर चर्चा काफी जोरों पर चल रही है। बातचीत करते हुए मनेर विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजद आगे की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार है और एनडीए से 21 से ज्यादा विधायक कभी भी दल बदल कर सकते हैं। इसके लिए इन लोगों ने बाकायदा तेजस्वी यादव से मुलाकात भी की है। हालांकि भाई वीरेंद्र ने यह खुलासा नहीं किया कि यह विधायक कौन है और इन लोगों की मुलाकात कहां हुई है।

सरफराज अहमद सिर्फ ट्रेलर हैं, अभी पूरी फिल्म बाकी है
जदयू विधायक सरफराज अहमद के राजद में शामिल होने की बात बताते हुए उन्होंने कहा कि यह तो सिर्फ एक ट्रेलर है फिल्म अभी बाकी है। समय आने पर पूरी फिल्म दिखाई जाएगी और मीडिया के सामने अपनी बात भी रखेंगे। क्योंकि राजनीति में समय का महत्व बहुत होता है। तो दूसरी तरफ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि एनडीए में शामिल होने के बाद नीतीश कुमार बेचारे बन गए हैं। वह संघ मुक्त की बात करते थे और अब खुद पैंट पहनने को तैयार हो गए हैं।

'मिट जाएगा जदयू का नाम-ओ-निशान'
राजद के संपर्क में कुछ ऐसे विधायक हैं जो राजद के वोट बैंक पर चुनाव जीतकर आए हैं। आने वाले कुछ समय में जदयू का नामो निशान मिट जाएगा पार्टी में भगदड़ मचना तय है। राजद में टूट की खबर को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि लालू यादव की गैरमौजूदगी में भी पार्टी इंपैक्ट है और पार्टी चट्टानी एकता के साथ खड़ी रहेगी क्योंकि हमारे नेता लालू प्रसाद यादव ही है। आपको बताते चलें कि बिहार में उप चुनाव की घोषणा होने के साथ ही जदयू के विधायक सरफराज अहमद पार्टी छोड़कर राजद में शामिल हो गए। जिसके बाद से राजनीतिक गलियारे में इस तरह की चर्चा होने लगी।












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