Operation Sindoor: पत्नी ने समझा साइबर ठग का है कॉल, उन्हें क्या पता था कि पति के शहीद होने की ख़बर है
Operation Sindoor Martyr News: ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान और हिंदुस्तान के बीच सीज़फायर हुआ। अपनी बर्बादी से बौखलाए पाकिस्तान ने फिर से कायरों की तरह हमला कर दिया, जिसमें हिंदुस्तान के जवान भी शहीद हुए। शहीदों में एक नाम सीवान के छोटे से गांव वालिसपुर के रहने वाले राम बाबू का भी शामिल था।
ग्रामीणों ने बताया कि साल 2017 में 19 साल की उम्र में सेना में भर्ती हुए थे। राम बाबू देश की सेवा करने का सपना संजोए सेना की आरटी ब्रिगेड का हिस्सा बने। युद्ध विराम के बावजूद सीमा पर तनाव बना रहा। इसी क्रम में एस-400 मिसाइल प्रणाली का उपयोग करके पाकिस्तान से ड्रोन हमले को विफल करने के मिशन चला।

पाकिस्तानी ड्रोन को डिफ्यूज़ करने के दौरान रामबाबू गंभीर रूप से घायल हो गए, देश का नाम उन्हें शहादत मिली। उनकी कमी उनके परिवार ही नहीं बल्कि पूरे देश को महसूस हो रही है। अंजली से 14 दिसंबर 2024 में उनकी शादी हुई। विवाह के बाद वह ज़्यादातर ड्यूटी पर ही रहे।
सोमवार को सुबह करीब 10.30 बजे उन्होंने पत्नी को कॉल किया था, इस दौरान वह ड्यूटी पर तैनात थे। उन्होंने शाम में फिर कॉल करने का वादा किया था, लेकिन यह वादा अधूरा रह गया। यह बातचीत, जो अपने लहजे में सामान्य थी, अनजाने में उनकी आखिरी बातचीत बन गई।
पति के कॉल का इंतज़ार कर रही पत्नी को सेना मुख्यालय से कॉल आया, जिसमें उनके घर के बारे में जानकारी मांगी गई। अंजलि ने साइबर ठग का कॉल समझा और काट दिया। उसे क्या मालूम था कि यह कॉल पर उनके पति के शहीद होने की ख़बर मिलने वाली है।
अंजली के कॉल काटने के बाद दिल दहला देने वाली ख़बर को रामबाबू के भाई को दी गई, जो जो उस समय झारखंड में बतौर लोको पायलट अपनी ज़िम्मेदारी निभा रहेथे। इधर डायल 112 की पुलिस टीम रामबाबू के शहीद होने की खबर देने उनके घर पहुंची, लेकिन घर पर रामबाबू की मां मौजूद थीं।
मां को बेटे की शहादत की ख़बर से सदमा ना लग जाए, इसलिए डायल 112 की टीम ने रामबाबू के में अस्पष्ट रूप से बताया। इसके बाद धीरे-धीरे यह ख़बर पूरे गांव में आग की तरह फ़ैल गई। रामबाबू का पार्थिव शरीर बुधवार को सीवान में उनके पैतृक घर पहुंचा। पूरे गांव में मातम पसर गया, लोगों ने नम आखों से शहीद को विदाई दी।












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