Oneinda Exclusive: आयुष्मान कार्ड के नाम पर अवैध वसूली, बेगूसराय में मेडिकल माफियाओं का खेल उजागर
Oneinda Exclusive: सरकार प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के तहत गरीब और जरूरतमंद परिवारों को 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा दे रही है। लेकिन जमीनी स्तर पर इस योजना का फायदा उठाने के बजाय कुछ निजी अस्पतालों ने इसे कमाई का जरिया बना लिया है। बेगूसराय से ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां आयुष्मान कार्ड के नाम पर अवैध वसूली की गई।
मरीज के परिजनों से 70 हजार रुपये की मांग
वनइंडिया हिंदी से बात करते हुए मरीज के परिजन चंकू शाह ने बताया कि मरीज सुबोध साह का सड़क हादसे में गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। उसे बेगूसराय के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि नस दब गई है और सर्जरी करनी पड़ेगी। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने मरीज के परिजनों से 70 हजार रुपये की मांग की।

मरीज के परिजन चंकू शाह ने बताया कि "डॉक्टरों ने पहले कहा कि इलाज आयुष्मान कार्ड से हो जाएगा, लेकिन बाद में कहा गया कि ऑपरेशन और दवाइयों में बहुत खर्च आएगा। बहुत मिन्नत करने के बाद 50 हजार रुपये में बात तय हुई और हमने 40 हजार रुपये जमा कर दिए।"
अस्पताल प्रबंधन ने मांगे दो लाख रुपये
इस मामले पर जब वनइंडिया हिंदी ने अस्पताल प्रबंधन से संपर्क किया, तो उनका कहना था कि पचास हज़ार नहीं उसे दो लाख रुपये लगेंगे। "सर्जरी और दवाइयों में दो लाख रुपये का खर्च आएगा और हेपेटाइटिस बी का इलाज आयुष्मान योजना में शामिल नहीं है।" हालांकि योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार लिवर और गैस्ट्रोइनटेस्टिनल डिजीज, जिसमें हेपेटाइटिस बी और सी शामिल हैं, योजना के तहत कवर की गई हैं।
मामले मे होगी कड़ी कार्रवाई
इस पूरे मामले की जानकारी सिविल सर्जन बेगूसराय को दी गई। उन्होंने कहा कि यह मामला डीपीसी प्रभात के संज्ञान में लाया गया है। डीपीसी प्रभात ने वनइंडिया हिंदी से बातचीत में बताया कि "मामले की जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित अस्पताल को कारण बताओ नोटिस भेजा जाएगा और दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
सरकार जहां "हर गरीब का मुफ्त इलाज" का दावा करती है, वहीं कुछ मेडिकल माफिया आयुष्मान कार्ड के नाम पर गरीबों की जेब काटने में लगे हैं। जरूरत है कि ऐसे अस्पतालों पर तुरंत कार्रवाई हो, ताकि योजना का असली लाभ उन परिवारों तक पहुंचे जिनके लिए यह बनाई गई है।












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