Nitish Kumar Oath Tomorrow: नीतीश कुमार चुने गए विधायक दल के नेता, कल दोपहर में लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ
Nitish kumar Shapath Grahan: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के नतीजों में NDA की प्रचंड जीत ने एक बार फिर नीतीश कुमार को राज्य की सत्ता के शिखर पर ला खड़ा किया है। 'सुशासन बाबू' को पटना में NDA विधायक दल की मीटिंग में विधायक दल का नेता चुना गया है। नीतीश कल यानि 20 नवंबर को दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह दोपहर 1:30 बजे गांधी मैदान में आयोजित किया गया है।
सत्तारूढ़ गठबंधन के टॉप सूत्रों के अनुसार, बिहार में नई एनडीए सरकार के कल होने वाले भव्य शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ 22 मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा के नौ, जदयू के 10, और चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास), जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी आवामी मोर्चा और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा के एक-एक विधायक कल शपथ ले सकते हैं।

भाजपा के कोटे से कौन-कौन ले सकता है शपथ?
भाजपा के कोटे से सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, नितिन नवीन, रेणु देवी, मंगल पांडे, नीरज बबलू, संजय सरावगी, हरि सहनी और रजनीश कुमार शपथ ले सकते हैं। इन नौ नेताओं में से आठ पिछली सरकार में मंत्री थे।
भाजपा ने दो भूमिहार नेताओं, दो अति पिछड़े वर्ग के नेताओं और एक-एक ब्राह्मण व राजपूत समुदाय के नेताओं को शामिल करके जातिगत संतुलन बनाने की कोशिश की है। साथ ही, कायस्थ और वैश्य समुदाय के नेताओं को भी शामिल किया गया है।
जेडीयू कोटे से कौन कौन ले सकता है शपथ?
जेडीयू कोटे से 10 विधायकों के कल गांधी मैदान में शपथ लेने की संभावना है। ये हैं विजय चौधरी, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, ज़मा खान, रत्नेश सदा, लेशी सिंह, बिजेंद्र यादव, श्याम रजक, सुनील कुमार और दामोदर रावत। इनमें से आठ विधायक पिछली सरकार में मंत्री थे।
जेडीयू ने भी अपने मंत्रियों के चयन में जातिगत समीकरणों को संतुलित किया है, जिसमें चार दलित और मुस्लिम, यादव, अति पिछड़ा वर्ग, राजपूत और भूमिहारों का प्रतिनिधित्व शामिल है।
राजू तिवारी, जो एक ब्राह्मण हैं और चिराग पासवान की लोजपा (रामविलास) के प्रदेश प्रमुख हैं, नए मंत्रिमंडल में अपनी पार्टी का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। जीतन राम मांझी के बेटे संतोष सुमन और उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा के भी शपथ लेने की संभावना है।
एनडीए ने 243 सदस्यीय विधानसभा में 202 सीटें जीती हैं। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में कल होने वाले कार्यक्रम को एनडीए के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा, भाजपा शासित सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के मौजूद रहने की उम्मीद है।
दोपहर :1:30 बजे गांधी मैदान में लेंगे शपथ
नीतीश कुमार 20 नवंबर को दोपहर 1:30 बजे गांधी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह कार्यकाल नीतीश कुमार को बिहार के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले मुख्यमंत्री के रूप में मजबूती से स्थापित कर देगा। लगातार तीसरी बार सत्ता की कमान संभालने जा रहे जदयू सुप्रीमो, अपनी राजनीतिक यात्रा के सबसे निर्णायक मोड़ पर खड़े हैं। उनका यह सफर, जहां एक तरफ दशक भर के अटूट शासन को दर्शाता है, वहीं दूसरी तरफ बार-बार शपथ लेने की मजबूरी बिहार की गठबंधन की अस्थिर राजनीति की गवाही भी देता है।
नए शिखर पर 'नीतीश रिकॉर्ड': दो ऐतिहासिक कीर्तिमान
बिहार की राजनीति में नीतीश कुमार ने अब दो ऐसे कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं, जिन्हें आने वाले समय में तोड़ना लगभग असंभव होगा।
सबसे लम्बे कार्यकाल का रिकॉर्ड
नीतीश कुमार अब कुल मिलाकर (या सभी कार्यकालों को जोड़कर) बिहार के इतिहास में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद पर रहने वाले नेता बन गए हैं। उन्होंने आज़ादी के बाद के पहले मुख्यमंत्री श्री कृष्ण सिन्हा (श्री बाबू) के रिकॉर्ड को तोड़ दिया है, जिनका सभी कार्यकालों का कुल योग 17 साल से कुछ अधिक था। नीतीश कुमार का सभी कार्यकालों का कुल समय अब 18 साल को पार कर चुका है।'
'शपथ ग्रहण' का रिकॉर्ड शतक
राजनीतिक अस्थिरता के बावजूद सत्ता में बने रहने की कला में माहिर नीतीश कुमार ने अब तक नौ बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। एनडीए की जीत के बाद वह दसवीं बार शपथ लेकर एक अनोखा रिकॉर्ड बनाने जा रहे हैं। बार-बार पाला बदलने, गठबंधन बदलने, इस्तीफा देने और फिर से मुख्यमंत्री बनने की इस प्रक्रिया ने उन्हें यह अनूठी राजनीतिक पहचान दी है।
बिहार के प्रमुख मुख्यमंत्रियों का कुल कार्यकाल
- नीतीश कुमार: 18 वर्ष से अधिक तक मुख्यमंत्री रहे (यह उन्हें बिहार के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाला CM बनाता है)।
- श्री कृष्ण सिन्हा (श्री बाबू): 17 वर्ष से अधिक तक मुख्यमंत्री रहे (आज़ादी के बाद के पहले CM, जिनका सबसे लंबा अखंड कार्यकाल रहा)।
- लालू प्रसाद यादव: 7 वर्ष से अधिक तक मुख्यमंत्री रहे।
- राबड़ी देवी: 7 वर्ष से अधिक तक मुख्यमंत्री रहीं।












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