लालू पर रेड के बीच नीतीश ने विपक्ष को दिया एक और बड़ा झटका!
राष्ट्रपति चुनाव में नीतीश कुमार ने उस वक्त पूरे विपक्ष को चौंका दिया था, जब उन्होंने एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का ऐलान किया।
पटना। राष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार के समर्थन पर एनडीए के पाले में जाकर कांग्रेस सहित पूरे विपक्ष को झटका दे चुके बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बार कुछ ऐसा ही करने के मूड में नजर आ रहे हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव में उम्मीदवार के चयन को लेकर विपक्ष ने 11 जुलाई को दिल्ली में 17 दलों की बैठक बुलाई है और इसी दिन नीतीश ने भी पटना में अपने सांसदों और विधायकों को मीटिंग के लिए बुलाया है। यानी नीतीश कुमार विपक्ष की बुलाई गई बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे।

क्या फिर से भाजपा के साथ जाएंगे नीतीश
हालांकि, सूत्रों के हवाले से खबर है कि नीतीश कुमार विपक्ष की बैठक में जेडीयू प्रतिनिधि के तौर पर शरद यादव को हिस्सा लेने के लिए भेज सकते हैं। विपक्ष की बैठक की अध्यक्षता सोनिया गांधी करेंगी। ऐसे में फिर से यह सवाल उठने लगा है कि क्या नीतीश कुमार उपराष्ट्रपति चुनाव में भी भाजपा के उम्मीदवार का समर्थन करेंगे?
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तेजस्वी पर भी ले सकते हैं फैसला
वहीं, लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर सीबीआई और ईडी की रेड के बाद बिहार में महागठबंधन की एकता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सीबीआई ने शुक्रवार को लालू प्रसाद यादव के बेटे और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर केस दर्ज किया था। इसके बाद सीएम नीतीश पर तेजस्वी को मंत्रिमंडल से हटाने का दबाव बढ़ गया है। माना जा रहा है कि मंगलवार को होने वाली जेडीयू की बैठक में नीतीश कुमार इसपर फैसला ले सकते हैं।

राष्ट्रपति चुनाव में फैसले पर अटल नीतीश
आपको बता दें कि राष्ट्रपति चुनाव में नीतीश कुमार ने उस वक्त पूरे विपक्ष को चौंका दिया था, जब उन्होंने एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को समर्थन देने का ऐलान किया। बिहार में महागठबंधन की सरकार में सहयोगी और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने इस मुद्दे पर नीतीश से पुनर्विचार करने का आग्रह किया था, लेकिन नीतीश अपने फैसले पर कायम हैं।

आखिर क्या चाहते हैं नीतीश?
विपक्ष ने रामनाथ कोविंद के मुकाबले पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार को राष्ट्रपति चुनाव में मैदान में उतारा है। मीरा कुमार के समर्थन पर नीतीश कुमार ने कहा कि विपभ ने हराने के लिए बिहार की एक दलित बेटी को चुना है। राष्ट्रपति चुनाव में हालांकि रामनाथ कोविंद की जीत तय मानी जा रही थी, लेकिन नीतीश ने एनडीए उम्मीदवार का समर्थन कर विपक्ष को तगड़ा झटका दिया है।












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