Nitish kumar wife: कौन थीं मंजू कुमारी? जिनके एक दीदार के लिए नीतीश कुमार ने 40 km चलाई थी मोटरसाइकिल
Nitish kumar wife Manju devi: जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सदस्य नीतीश कुमार ने 20 नवंबर 2025 को बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में 10वीं बार शपथ ली। नीतीश कुमार जब आज शपथ ले रहे थे, तब उनके परिवार के सदस्यों में केवल उनका इकलौता बेटा मौजूद था।
बिहार का दसवीं बार सीएम बनने के बाद नीतीश कुमार के शानदार राजनीतिक करियर की चर्चा हर ओर हो रही है लेकिन इस शानदार करियर में नीतीश कुमार की दिवंगत पत्नी मंजू देवी का अहम योगदान रहा है। जब तक वो जीवित रहीं वो नीतीश कुमार के कठिन समय में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं। आइए जानते हैं नीतीश कुमार की दिवंगत पत्नी मंजू देवी सिन्हा के बारे में...
कौन थीं मंजू देवी सिन्हा?
मंजू कुमारी सिन्हा पेशे से एक शिक्षिका थीं। मंजू कुमारी सिन्हा, जिन्हें प्यार से मंजू देवी के नाम से जाना जाता था, एक शिक्षित परिवार से थीं और उन्होंने शिक्षण के क्षेत्र में अपना करियर बनाया। वह पटना के कमला नेहरू गवर्नमेंट गर्ल्स स्कूल में बच्चों को पढ़ाती थीं। मंजू ने परिवार और शिक्षा के प्रति समर्पित एक अनुशासित जीवन जिया। दयालु, विनम्र और शांत स्वभाव की थीं।

नीतीश कुमार की मंजू देवी की शादी
नीतीश और मंजू ने 22 फरवरी 1973 को शादी की, जब वे बिहार कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में पढ़ रहे थे। उस समय, सिन्हा पटना के मगध महिला कॉलेज से समाजशास्त्र की पढ़ाई कर रही थीं।
नीतीश कुमार का मजबूत सहारा थीं मंजू देवी
मंजू सिन्हा सार्वजनिक मंचों पर कभी भी नीतीश कुमार के साथ नजर नहीं आईं और राजनीति से दूरी बनाए रखी लेकिन पत्नी मंजू देवी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राजनीतिक सफर की सबसे मजबूत आधारशिला माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नीतीश कुमार जब रानजीति में संघर्ष कर रहे थे, उस समय मंजू देवी हमेशा उनके साथ खड़ी रहीं। उनका मजबूत साथा नीतीश कुमार के कई महत्वपूर्ण निर्णयों के पीछे एक बड़ी प्रेरक शक्ति थी, जिसने उनके राजनीतिक जीवन को दिशा दी।
नीतीश मंजू देवी के एक दीदार के लिए चलाई थी मोटरसाइकिल
साल 1985 में जब नीतीश कुमार पहली बार विधायक बनकर बख्तियारपुर लौटे, तो उनका भव्य स्वागत हुआ। लेकिन उनकी पत्नी मंजू उनका स्वागत करने के लिए वहां मौजूद नहीं थीं। वह कुछ काम से अपने मायके, सेउदह गई हुई थीं। अपनी पत्नी को अपने पास न पाकर, नीतीश ने सेउदह जाने का फैसला किया, जो बख्तियारपुर से 40 किलोमीटर दूर था।
उन्होंने अपने एक साथी से अपनी मोटरसाइकिल निकालने को कहा और मंजू से मिलने के लिए 40 किलोमीटर की यात्रा की। भास्कर इंग्लिश के अनुसार, जब मंजू ने कुमार को अपने दरवाजे पर देखा, तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
नीतीश जब पहली बार सीएम बने तो भावुक हो गई थी पत्नी मंजू
नीतीश कुमार जब पहली बार बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, उस समय मंजू देवी भावुक हो गई थी और उन्होंने कहा था " असत्य पर सत्य की जीत हुई है"।
कैसे और कब हुआ था मंजू देवी का निधन?
महज 53 साल की उम्र में 14 मई 2007 को मंजू देवी का निधन हो गया था1 निमोनिया के कारण उन्होंने नई दिल्ली के मैक्स अस्पताल में अपनी अंतिम सांस ली।इतने वर्ष बीतने के बाद भी अभी भी नीतीश कुमार और उनके बेटे मंजू देवी की पुण्यतिथि के अवसर पर पटना के कंकड़बाग स्थित स्मारक और नालंदा के कल्याण बिगहा गांव जाते हैं और श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।












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