Nitish Kumar CM Oath Ceremony: 10वीं बार सत्ता संभालने को नीतीश तैयार, पढ़ें शपथ ग्रहण से जुड़ी 10 खास बातें
Nitish Kumar Oath Ceremony 2025: बिहार की राजनीति में आज का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। नीतीश कुमार गुरुवार, 20 नवंबर को 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पूरे पटना में राजनीतिक हलचल तेज है, सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं और गांधी मैदान एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच बना हुआ है।
एनडीए विधायक दल की बैठक में नीतीश कुमार को सर्वसम्मति से नेता चुन लिया गया है, और उनकी अगुवाई में गठबंधन राज्य में लगातार दूसरी बार बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रहा है।

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल होंगे। समारोह आज सुबह साढ़े 11 बजे गांधी मैदान में होगा, जहां नीतीश कुमार के साथ सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। आइए जानते हैं शपथ ग्रहण समारोह से जुड़ी खास बातें...
नीतीश कुमार के 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण से जुड़ी 10 खास बातें
1. सुरक्षा के कड़े इंतजाम: गांधी मैदान और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा तैनात की गई है। आम जनता का प्रवेश आज पूरे दिन के लिए बंद रखा गया है, जबकि कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है।
2. स्कूल बंद: शपथ ग्रहण समारोह के मद्देनज़र मैदान के आसपास के स्कूल भी बंद रखे गए हैं।
3. VIP मेहमान: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, राजनाथ सिंह और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित राजनीतिक हस्तियां समारोह में मौजूद रहेंगी।
4. मंत्रियों की संख्या: पहली सूची में लगभग 20 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है, जबकि कैबिनेट में अधिकतम 36 मंत्रियों की गुंजाइश है।
5. मंत्रालय बंटवारा: गृह विभाग सहित कुछ मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर चर्चा रही, लेकिन यथास्थिति बनाए रखने पर सहमति बनी।
6. पूर्व मंत्रियों की वापसी: भाजपा कोटे से नितिन नवीन, मंगल पांडे, नीतीश मिश्रा और संजय सरावगी और जदयू की ओर से विजय कुमार चौधरी, लेसी सिंह और श्रवण कुमार पुनर्नियुक्त होने की संभावना है। सहयोगी दल HAM और RLSP को भी प्रतिनिधित्व मिल सकता है।
7. राजनीतिक एकजुटता: 2020 के समारोह में प्रधानमंत्री मोदी उपस्थित नहीं थे, लेकिन इस बार उनकी मौजूदगी NDA की एकजुटता और भविष्य की रणनीति का संकेत मानी जा रही है।
8. विधानसभा चुनाव परिणाम: जदयू ने 85 सीटें जीतकर जोरदार वापसी की, भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर 89 सीटों पर रही। LJP(R) ने 19, HAM ने 5 और RLSP ने 4 सीटें जीती हैं।
9. विधायक दल नेतृत्व: जदयू ने नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुना, भाजपा ने सम्राट चौधरी को नेता और विजय सिन्हा को उपनेता बनाया।
10. इतिहास रचने वाला कार्यक्रम: नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री बन रहे हैं, जो भारतीय राजनीति में दुर्लभ उपलब्धि है। यह समारोह सिर्फ शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि NDA की नई दिशा, नए समीकरण और बिहार के भविष्य की राजनीतिक रूपरेखा का संदेश भी है।
नीतीश का राजनीतिक सफर बना रिकॉर्ड
10 बार मुख्यमंत्री बनना भारतीय राजनीति में दुर्लभ उपलब्धि है। नीतीश कुमार न केवल बिहार के सबसे लंबे समय तक सत्ता संभालने वाले नेताओं में शामिल हो रहे हैं, बल्कि पूरे देश में भी ऐसा मुकाम बहुत कम नेताओं ने हासिल किया है। आज का शपथ ग्रहण सिर्फ एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में NDA की नई दिशा, नए समीकरण और बिहार के भविष्य की राजनीतिक रूपरेखा का भी संदेश देने वाला है।












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