Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Nischay Rath: चुनावी मैदान में उतरा नीतीश कुमार का 'निश्चय रथ', क्या है इस 'शाही सवारी' की खासियत?

Nitish Kumar 'Nischay Rath' Key Features: बिहार की राजनीति एक बार फिर चुनावी रंग में रंगने लगी है। जल्द ही विधानसभा चुनाव का बिगुल फूंक दिया जाएगा। हर पार्टी चुनाव को लेकर अपनी तैयारियों में जुट गई है, इसी बीच बिहार के मुख्यमंत्री ने इस बार के चुनाव प्रचार के लिए कुछ अलग सोचा है। इस बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी तैयारियों में कुछ खास जोड़ा है। उन्होंने एक बेहद आकर्षक और आधुनिक चुनावी रथ तैयार करवाया है, जिसे 'निश्चय रथ' नाम दिया गया है।

नीतीश कुमार का यह रथ सिर्फ प्रचार वाहन नहीं, बल्कि नीतीश सरकार की अब तक की उपलब्धियों का चलता-फिरता आईना है। इस रथ को देखना किसी शाही सवारी को देखने जैसा है-लाल और सुनहरे रंगों से सजी बस, अंदर चमचमाते संगमरमर की सीढ़ियां, आलीशान कुर्सियां, और दीवारों पर पार्टी संदेशों के साथ मुख्यमंत्री की तस्वीरें।

Nitish Kumar Nischay Rath

इस रथ का मकसद है एक ही संदेश देना- 'नीतीश कुमार ने जो वादा किया, वो निभाया भी'। यही वजह है कि इसका नाम 'निश्चय रथ' रखा गया है, जो सीधे तौर पर राज्य सरकार की 'सात निश्चय योजना' से जुड़ा हुआ है।
ये भी पढ़ें: Smriti Irani अचानक क्यों पहुंचीं कुमार विश्वास की बेटी के घर? क्या क्या कुछ बड़ा होने वाला है?

हरियाणा से आया है आलिशान 'निश्चय रथ'

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बेहद खास चुनावी रथ हरियाणा से बनकर लाया गया है और इसे पूरी तरह से उनकी सरकार की योजनाओं और वादों को जनता तक पहुंचाने के लिए तैयार किया गया है। इस रथ पर नीतीश कुमार की तस्वीर के साथ एक बड़ा नारा लिखा है-"बहन-बेटियों के सपने साकार, धन्यवाद नीतीश कुमार।" दिलचस्प बात ये है कि बीजेपी के साथ गठबंधन में सरकार बनाने वाले नीतीश कुमार के इस आलिशान रथ से भाजपा का चुनाव चिन्ह गायब है। इस रथ पर केवल जनता दल यूनाइटेड (JDU) का चुनाव चिन्ह बना हुआ है।

मधुबनी से हुई रथ यात्रा की शुरुआत

नीतीश कुमार ने शनिवार को मधुबनी जिले से इस रथ यात्रा की शुरुआत की। इसके जरिए वे जनता को यह बताना चाहते हैं कि उनकी सरकार ने अब तक क्या-क्या काम किए हैं और आगे क्या करने की योजना है।

'निश्चय रथ' नाम के पीछे की वजह

इस रथ का नाम 'निश्चय रथ' सीधे तौर पर सरकार की चर्चित 'सात निश्चय योजना' से जुड़ा हुआ है। इस योजना की शुरुआत नीतीश कुमार ने 2015 के विधानसभा चुनाव से पहले की थी। उन्होंने वादा किया था कि अगर फिर से सरकार बनी तो वे सात बड़े काम करेंगे जो लोगों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करेंगे।

क्या थे सात निश्चय?

  • हर घर नल का जल - साफ पीने का पानी हर घर तक पहुंचाना।
  • हर घर शौचालय - स्वच्छता के लिए शौचालय निर्माण।
  • हर घर बिजली - बिजली की सुविधा हर गांव में देना।
  • गली-नाली पक्कीकरण - पक्की सड़कें और नालियां बनाना।
  • आर्थिक हल, युवाओं को बल - युवाओं को लोन और ट्रेनिंग देना।
  • महिलाओं को सशक्त करना - लड़कियों को साइकिल और स्कॉलरशिप देना।
  • शहरी विकास योजना - शहरों को साफ और व्यवस्थित बनाना।

कितना पूरा हुआ वादा?

सरकार के अनुसार, सात निश्चय योजना ने गांवों और शहरों में काफी बदलाव लाया है। कई जगह पानी की टंकियां बन चुकी हैं, गलियों में सीमेंट की सड़कें दिखाई दे रही हैं, और लड़कियों को साइकिल व छात्रवृत्ति मिल रही है। लेकिन कुछ इलाकों में काम अधूरा भी है-जैसे नलों में पानी नहीं आता या शौचालय सिर्फ कागज़ पर बने हैं। युवाओं को मिलने वाले लोन और नौकरी को लेकर भी कई सवाल उठते रहे हैं।

सात निश्चय 2 पर जारी है काम

सरकार का कहना है कि सात निश्चय योजना का दूसरा चरण यानी 'सात निश्चय-2' अभी चल रहा है और हर पंचायत तक सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। नीतीश कुमार अब इसी योजना को चुनावी मुद्दा बनाकर जनता के बीच जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें: 'पीएम मोदी भी नहीं हैं भारतीय नागरिक!' बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन पर बवाल,कल्याण बनर्जी ने साधा BJP पर निशाना

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+