Bihar Cabinet Expansion: कौन हैं रत्नेश सदा जो बने नीतीश कैबिनेट में नए मंत्री, इस वजह से खाली हुई थी सीट
Nitish Cabinet Expansion: बिहार में आगामी चुनाव के मद्देनज़र सियासी समीकरण बनते बिगड़ते नज़र आ रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को नीतीश कैबिनेट का विस्तार हुआ। सहरसा जिले के सोनबरसा से ताल्लुक रखने वाले जदयू विधायक रत्नेश सदा ने मंत्री पद की शपथ ली। राजभवन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलवाई।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन की जगह पर रत्नेश सदा नीतीश कैबिनेट में नए मंत्री बने हैं। आपको बता दें कि संतोष सुमन हाल ही में मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज़ है कि रत्नेश सदा सीएम नीतीश के करीबी और भरोसेमंद हैं, इसलिए उन्हें ने कैबिनेट में जगह मिली है।

रत्नेश सदा ने शपथ लेने के बाद सीएम नीतीश कुमार के पैर छूए और आशिर्वाद लिया। जीतन राम मांझी के महागठबंधन छोड़ने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मास्टरस्ट्रोक खेला है। सीएम नीतीश ने जातिगत समीकरणों को साधते हुए महादलित समाज के नेता रत्नेश सदा को अपने कैबिनेट में शामिल किया है।
ग़ौरलतब है कि 10 महीने बाद फिर से सहरसा जिले के खाते में मंत्री पद गया है। सीएम नीतीश कुमार जब एनडीए का हिस्सा थे, तो उस दौरान बीजेपी नेता आलोक रंजन यहां के मंत्री थे। रत्नेश सदा के मंत्री पद की शपथ लेने के बाद यह चर्चा तेज़ है कि उन्हें एससी-एसटी कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
आपको बता दें कि सोनबरसा विधानसभा से रत्नेश सदा तीसरी बार विधायक चुने गए हैं। एनडीए गठबंधन की सरकार में पिछले साल के अगस्त महीने में गठबंधन टूटने से पहले तक भाजपा कोटे से जिला में एक मंत्री आलोक रंजन ही थे। इसके बाद जिला के खाते में कोई मंत्री नहीं था। अब रत्नेष सदा के मंत्री बनने से जातिगत समिकरणों पर सियासत तेज़ हो चुकी है।












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