बिहार में NDA की सीट शेयरिंग का क्या है फॉर्मूला, चाचा-भतीजे में किसका बढ़ा क़द, JDU को कितनी सीटें?
NDA Seat Sharing Formula In Bihar: बिहार में NDA और INDIA गठबंधन के सीट बंटवारे को लेकर मंथन जारी है। यही वजह है कि भाजपा की पहली सूची में बिहार के किसी भी लोकसभा सीट पर उम्मीदवार की घोषणा नहीं की गई है। सियासी गलियारों में चर्चा तेज़ है कि महाराष्ट्र की तर्ज़ पर ही बिहार में सीट शेयरिंग के फॉर्मूले पर काम होगा।
सीएम नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन में थे तो उन्हें बिहार में सीटों के बंटवारे की जल्दी थी, लेकिन अब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सीट बंटवारे को लेकर कोई जल्दी नहीं है। इस वजह से भी यह क़यास लगाए जा रहे हैं कि, नीतीश कुमार ने पाला बदलने से पहले ही सीटों के बंटवारे का गणित बैठा लिया था।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सीटों को लेकर भाजपा की डील हो गई थी कि, कितनी सीटों पर जदयू चुनावी ताल ठोकेगी। इसलिए अब नीतीश कुमार बेफिक्र होकर एनडीए में सीटों के बंटवारे पर कोई बयान नहीं दे रहे हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि फिर बिहार में एनडीए किस तरह से शीट शेयरिंग का फॉर्मूला बनाएगी।
भाजपा की जो पहली सूची जारी हुई उसमें ना तो बिहार और ना ही महाराष्ट्र से उम्मीदवारों की घोषणा हुई। आइए समझते हैं कि इसके सियासी मायने क्या हैं, दरअसल बिहार और महाराष्ट्र में एनडीए गठबंधन के सहयोगी दलों की स्थिति एक जैसी है।
महाराष्ट्र में भाजपा के लिए एकनाथ शिंदे और अजित पवार दोनों ही काफी अहम हैं। ऐसे में भाजपा को दोनों को सीट देने के साथ ही अपने मुताबिक भी सीटें रखनी होंगा। सूत्रों की मानें तो भाजपा ने एकनाथ शिंदे और अजीत पवार 13 सीटों की पेशकश की है। 35 पर खुद के उम्मीदवार उतारने की तैयारी है।
भाजपा आलाकमान का मानना है कि कम विधायक होने के बाद भी एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बनाया। इसलिए लोकसभा सीटों में उन्हें कम्प्रमाइज करना चाहिए। वहीं ऐसे ही हालात बिहार के हैं, जदयू के विधायक भाजपा से कम थे। इसके बावजूद बिहार में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री बनाया। ऐसे में लोकसभा सीटों पर नीतीश कुमार को भी क़ुर्बानी देनी चाहिए।
सूत्रों की मानें तो जदयू भाजा के फॉर्मूले पर राज़ी होई है। बिहार में एनडीए की सीट शेयरिंग की बात की जाए तो भाजपा 20 से 22 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। वहीं जदयू के 12 से 13 सीटों पर उम्मीदवार उतार सकती है।
इसके अलावा बची हुई सीटों पर एनडीए के अन्य सहयोगी दलों के उम्मीदवार उतारे जाएंगे। इसमें चिराग पासवान और पशुपति पारस को मिलाकर 6 सीटें दी जाएंग। चिराग के खाते में 1 सीट और पारस के खाते में 1 सीट जाएगी। इसके अलावा उपेंद्र कुशवाहा को 1 सीट और जीतन राम मांझी को 1 सीट दी जाएगी।












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