Gaya News: Heat Waves के मद्देनजर बनाया गया हीट स्ट्रोक वार्ड, जानिए क्या क्या हैं सुविधाएं?

Bihar News: गया जिला पदाधिकारी डॉक्टर त्यागराजन एसएम ने अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल में बनाए गए डेडीकेटेड हीट स्ट्रोक वार्ड का जायजा जिला।

Narayan Magadh Hospital Gaya Heat Stroke Ward Facility News Update In Hindi

Heat Stroke Ward: तापमान बढ़ने के साथ ही हीट स्ट्रोक की शिकायते मिल रही हैं। हीट वेव के मद्देनज़र अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल हीट स्ट्रोक वार्ड बनाया गया है। इसमे कुल 100 बेड के साथ ही 75 एयर कंडीशन भी लगाए गए हैं।

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    Gaya News: Heat Waves के मद्देनजर बनाया गया हीट स्ट्रोक वार्ड, जानिए क्या क्या हैं सुविधाएं?

    वार्ड में 50 बेड को फंक्शनल रखा गया है, ताकि अगर हीट स्ट्रोक का कोई मरीज़ आए तो उसे तुरंत इलाज मिल सके। हीट स्ट्रोक वार्ड को पूरी तरह से वातकुलीन रखा गया है। ताकि क्रिटिकल कंडीशन में हीटवेव से पीड़ित मरीज़ का अच्छे से इलाज किया जा सके।

    गया जिला पदाधिकारी ने डॉ. त्यागराजन एस एम ने हीट स्ट्रोक वार्ड में हीट वेब से पीड़ित मरीजों के इलाज के प्रक्रिया का जायज़ा लिया। इसके साथ ही निरीक्षण के दौरान सफाई में कमी देखते हुए उसे तुरंत दूर करने के निर्देश दिए।

    अस्पताल में शौचालय की नियमित सफाई करवाने का निर्देश देते हुए आउटसोर्सिंग एजेंसी को इसकी ज़िम्मेदारी दी गई। हीट स्ट्रोक वार्ड में लगाए गए वाटर कूलर में पीने का ठंडा पानी मिले, इसलिए पर्याप्त ग्लास और निर्बाध बिजली रखने का निर्देश दिया।

    डॉ. त्यागराजन एसएम ने निर्देश दिया कि सभी बेड पर स्लाइन स्टैंड होना ज़रूरी तौर पर सुनिश्चित करें, ताकि वक्त पर मरीज़ को स्लाइन चढ़ाने में परेशानी नहीं हो। इसके साथ ही उन्होंने वार्ड में डीप फ्रीजर और पर्याप्त आइस पैक रखने का भी निर्देश दिया। हीट स्ट्रोक वार्ड निरीक्षण के दौरान डॉ.त्यागराजन एसएम ने अस्पताल में मौजूद दवाओं की जांच की।

    हीट स्ट्रोक वार्ड में हीटवेव के दौरान लगाए गए एयर कंडीशन के मेंटेनेंस के लिए अस्पताल प्रबंधन को एक सेपरेट टीम रखने का भी निर्देश दिया ताकि ताकि एयर कंडीशन खराब होने पर तुरंत ठीक किया जा सके। वहीं उन्होंने रोस्टर के हिसाब से जीएनएम तथा एएनएम की प्रतिनियुक्त करने का निर्देश दिया। इमरजेंसी ड्यूटी में लगाए जाने डॉक्टर तथा एएनएम SOP की पूरी जानकारी होने का भी निर्देश दिया।

    ऑक्सीजन फ्लो मीटर का नियमित रूप से जांच करने का भी निर्देश दिया। इसके साथ ही रोगी कल्याण समिति के ज़रिए से अस्पताल परिसर के विभिन्न जगहों पर शुद्ध शीतल पेयजल के लिए मटका लगाने और खराब पड़े RO वाटर को मरम्मत करवाने का भी निर्देश दिया।

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