BPSC सेकंड टॉपर अंकित: वर्ष 2000 में सिर से उठा मां का साया, पिता ने संभाला परिवार
अंकित अपने भाई बहनों में सबसे छोटे हैं, उनके बड़े भाई बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेंगलुरु में काम करते हैं। एक बहन वेटनरी ऑफिसर के पद राज्य सरकार के अधीन कार्यरत हैं।
नालंदा, 5 अगस्त 2022। बिहार लोक सेवा आयोग ने 66वें के रिजल्ट में 685 कैंडिडेट्स ने कामयाबी हासिल की है। वहीं वैशाली के रहने वाले सुधीर कुमार ने टॉप किया है। वहीं दूसरे टॉपर अंकित कुमार बने हैं। नालंदा के अकबरपुर गांव (अस्थवां प्रखंड) निवासी उदय शंकर प्रसाद के पुत्र अंकित कुमार ने बीपीएससी परीक्षा दूसरी रैंक हासिल की है। सेकंड टॉपर अंकित के डीएसपी बनने पर परिवार में खुशी की लहर है। इसके साथ ही गांव वाले भी रिजल्ट प्रकाशित होने के बाद गौरवांवित महसूस कर रहे हैं।
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‘साल 2000 में ही हो गया था मां का निधन’
अंकित के परिवार की बात की जाए तो उनके परिवार में पिता और चार भाई-बहन हैं। उनकी माता का पुष्पा सिन्हा का साल 2002 में ही देहांत हो गया था। बीमारी की वजह से मां की मौत होने के बाद पिता और घर के दूसरे लोगों ने परिवार को संभाला। आज की तारीख़ में अंकित के परिवार के सभी सदस्य अच्छे मुकाम पर हैं। अंकित ज्वॉइंट फैमिली में रहते हैं। उनके घर में पिता के अलावा में दो चाचा भी रहते हैं। उनके चाचा व्यापारी हैं और पिता किसान हैं।

'बिहार शरीफ में ही मुकम्मल हुई प्रारंभिक शिक्षा'
अंकित अपने भाई बहनों में सबसे छोटे हैं, उनके बड़े भाई बतौर सॉफ्टवेयर इंजीनियर बेंगलुरु में काम करते हैं। एक बहन वेटनरी ऑफिसर के पद राज्य सरकार के अधीन कार्यरत हैं। दूसरी बहन अभी पढ़ाई ही कर रही हैं, उनकी पढ़ाई हैदराबाद में जारी है। अंकित के शुरुआती ज़िंदगी की बात की जाए तो उनका बचपन गांव में ही बीता। इसके साथ ही प्रारंभिक शिक्षा भी बिहार शरीफ में रहकर ही मुकम्मल हुई है।

अंकित ने दिल्ली में की परीक्षा की तैयारी
अंकित ने दसवीं की परीक्षा राष्ट्रीय मिलिट्री स्कूल बेंगलुरु से पास किया है। दसवीं के बाद आईआईटी गुवाहाटी से ग्रेजुएशन की डिग्री ली। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने दिल्ली का रुख किया और वहीं रहकर यूपीएसी और बीपीएससी की तैयारी की। उनकी मेहनत रंग लाई और वह बीपीएसी में सेकंड रैंक हासिल करते हुए डीएसपी बन गए।

यूपीएससी में कामयाबी हासिल करने का लक्ष्य
बीपीएसी सेकंड टॉपर अंकित ने अपनी कामयाबी का पूरा श्रेय परिजनों, गुरु जी और दोस्तों को दिया है। उन्होंने कहा कि सभी ने मिलकर मुझे इस मुकाम तक पहुंचाया है। अंकित बताते हैं कि उनके परिवार के लोगों ने कभी भी उन पर पढ़ाई के लिए दबाव नहीं बनाया। सब लोगों ने उनकी हौसला अफ़ज़ाई की, हिम्मत बढ़ाई, इसी का नतीजा है कि आज उन्होंने कामयाबी हासिल की। अंकित ने कहा कि अभी उनका सफर थमा नहीं है, मज़िल और भी है। अब वह यूपीएससी में कामयाबी हासिल करने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहे हैं।
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