Ground Report: 'बच्चों को वापस ला दीजिए साहब', मां की बात सुनकर भर आईं अधिकारियों की आंखें
Muzaffarpur News Update In Hindi: मुजफ्फरपुर जिला के सुस्ता पंचायत (सदर थाना क्षेत्र) में अचानक एक घर में आग लग गई। हादसे में 4 बच्चियों की मौत हो गई। वहीं परिवार के 6 और लोग जख्मी हो गए।

Muzaffarpur News: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में हुई आगजनी की घटना में एक ही परिवार के 10 लोग जख्मी हो गए। जिसमें 4 लड़कियों की मौत हो गई। 6 लोग जख्मी हैं, इनमे 2 की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी का इलाज SKMCH में जारी है।
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ज़ख्मी लोगों में 5 बच्चे भी शामिल हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि जिस वक्त यह दर्दनाक हादसा हुआ, उस वक्त सभी लोग रात का खाना खाकर सो रहे थे। नरेश राम का परिवार गहरी नींद में सोया हुआ था, तभी घर में अचानक आग लग गई।
घर में आग लगने की वजह से लोग अफरा-तफरी के माहौल में बच्चे आग की जद में आ गए और उनकी मौत हो गई। मां को आग से बचाने के लिए 17 वर्षीय बेटी और उसकी तीन बहनें कमरे में घुस गई। मां को तो बचा लिया लेकिन खुद हादसे का शिकार हो गई।
मां फूलो देवी ने अग्निकांड में बेटियों को खो दिया, लेकिन वह हादसे के मंज़र से खुद को निकाल नहीं पा रही है। कोई भी मिलने जा रहा है तो, उससे बच्चों कों वापस लाने की मिन्नतें कर रही हैं। पीड़ित परिवार से मिलने अंचल अधिकारी सुधांशु शेखर पहुंचे तो फूलो देवी, बस एक ही मिन्नत कर रही थी कि 'बच्चों को वापस ला दीजिए साहब'।
मां की बात सुनकर अंचल अधिकारी की भी आंखें नम हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि हर रोज़ की तरह परिवार के लोग खाना खा कर 3 अलग कमरे में सो रहे थे। परिवार में कुल 16 लोग थे, जिसमें 11 बच्चे भी थे। रात के 11 बजे करीब आगजनी की घटना हुई। आग कैसे लगी यह बात साफ नहीं हो पा रही है।
घास-फूस की छत होने की वजह से होने की वजह से तीनों कमरे आग की जद में आ गए। मां को बचाने के लिए बेटियां कमरे फंस गई, जलता हुआ छत बच्चियों पर गिरा और जलने से उनकी मौत हो गई। सोनी कुमारी (17 वर्ष), अमृता कुमारी (12 वर्ष), कविता कुमारी (8 वर्ष) और शिवानी कुमारी (6 वर्ष) हादसे का शिकार हो गई। जिला प्रशासन की तरफ़ से मृतक के परिवार को 16 लाख रुपये की की सहायता राशि दी गई।












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