Pappu Yadav: बेऊर जेल से बाहर आए सांसद पप्पू यादव, एसएसपी और बड़े नेताओं पर लगाया हत्या की साजिश का आरोप
Pappu Yadav: पूर्णिया के स्वतंत्र सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव की बेऊर जेल से रिहाई बिहार की राजनीति में एक नए सियासी घमासान का केंद्र बन गई है। पटना की एक विशेष अदालत ने 13 फरवरी 2026 को उन्हें तीन अलग-अलग मामलों में जमानत दे दी, जिसके बाद वे जेल से बाहर आए। जेल से निकलते ही पप्पू यादव ने प्रशासन और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए गंभीर आरोप लगाए।
उन्होंने अपनी गिरफ्तारी को एक गहरी राजनीतिक साजिश करार दिया और आरोप लगाया कि पटना के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और कुछ बड़े नेताओं ने मिलकर उन्हें जान से मारने की योजना बनाई थी। पप्पू यादव का दावा है कि उन्हें चुप कराने के लिए यह पूरी पटकथा लिखी गई थी, क्योंकि वे जनता के मुद्दों पर मुखर होकर आवाज उठा रहे थे। उन्होंने अपनी रिहाई को न्याय की जीत बताते हुए न्यायपालिका का आभार व्यक्त किया।

'मेरी हत्या की रची गई थी पटकथा', पप्पू यादव के गंभीर आरोप
जेल से बाहर कदम रखते ही पप्पू यादव ने प्रशासन पर हमला बोलते हुए इसे एक गहरी राजनीतिक साजिश करार दिया। उन्होंने सनसनीखेज आरोप लगाया कि पटना के कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और प्रभावशाली नेताओं ने मिलकर उन्हें 'जान से मारने' की योजना बनाई थी। सांसद का कहना है कि वे लगातार जनता की समस्याओं और भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर रहते हैं, इसी कारण उन्हें चुप कराने के लिए यह पूरी साजिश रची गई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल गिरफ्तारी नहीं थी, बल्कि उन्हें शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाने का एक प्रयास था।
पटना एसएसपी पर उठाए सवाल, चयनात्मक कार्रवाई का आरोप
पप्पू यादव ने पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की कार्यप्रणाली पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनके मामले में जमानत (बेल) टूटने की प्रक्रिया को आधार बनाकर जिस तेजी से कार्रवाई की गई, वैसी तत्परता अन्य मामलों में क्यों नहीं दिखाई जाती? सांसद ने प्रशासन से सवाल पूछा:
- इसी तरह के मामलों में अब तक कितने अन्य रसूखदार लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
- क्या कानून की यह सख्ती केवल विपक्षी नेताओं और जनता की आवाज उठाने वालों के लिए ही है?
जहानाबाद प्रकरण और सीबीआई से उम्मीद
बिहार के चर्चित जहानाबाद मामले (जहानाबाद की बेटी से जुड़ा प्रकरण) पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने निष्पक्ष न्याय की मांग की। उन्होंने कहा कि उन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) पर पूरा भरोसा है। सांसद ने उम्मीद जताई कि सीबीआई इस पूरे मामले की तह तक जाकर निष्पक्ष जांच करेगी, जिससे सच सबके सामने आ सके और दोषियों को सजा मिल सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकरण में जल्द ही 'दूध का दूध और पानी का पानी' हो जाएगा।
Pappu Yadav को इन मामलों में मिली कानूनी राहत
पप्पू यादव को जेल से बाहर लाने के लिए उनके वकीलों ने विभिन्न अदालतों में पैरवी की। उन्हें निम्नलिखित मामलों में जमानत मिलने के बाद रिहा किया गया:
- पटना के मामले: कोतवाली और बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र में दर्ज पुराने मामले।
- पूर्णिया का केस: उनके गृह क्षेत्र पूर्णिया में दर्ज एक मामला।
- पूर्व की राहत: गर्दनीबाग से जुड़े एक अन्य मामले में उन्हें पहले ही अदालत से राहत मिल चुकी थी।
इन सभी मामलों में बेल बॉन्ड भरने के बाद उन्हें बेऊर जेल से छोड़ दिया गया। सांसद की इस रिहाई और उनके द्वारा लगाए गए आरोपों ने बिहार के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है। जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद राज्य की राजनीति में और बड़ा तूल पकड़ सकता है, खासकर पुलिस प्रशासन और सत्तारूढ़ दल के लिए यह बयान बड़ी चुनौती पेश कर सकते हैं।












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