Motivational Story: कौन हैं राजीव कुमार, जिन्होंने नेशनल रग्बी चैंपियनशिप में लहराया हुनर का परचम
Motivational Story: इंसान के अंदर कुछ करने का जज़्बा हो तो वह हर मुश्किल का सामना करते हुए मुकाम हासिल कर ही लेता है। अपने लक्ष्य को पामे के लिए हर चुनौतियों को मात देते हुए मंज़िला पा ही लेता है। कुछ इसी तरह कि प्रेरणात्मक कहानी राजीव कुमार की है, जिन्होंने नेशनल रग्बी चैंपियनशिप में अपने हुनर का परचम लहराते हुए जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है।
महाराष्ट्र के पुणे में 5वीं नेशनल व्हीलचेयर रग्बी चैंपियनशिप 2023 का आयोजन हुआ। श्री शीव छत्रपति शिवाजी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 10 सितम्बर से 11 सितम्बर तक आयोजित नेशनल चैंपियनशिप में बिहार के बेटा राजीव कुमार ने भी खेला था।

अच्छा प्रदर्शन करते हुए राजीव कुमार ने कांस्य पदक पर क़ब्ज़ा जमाया। ग़ौरतलब है कि राजीव ने लगातार तीन बार से मेडल जीतते आ रहे हैं। 2019 और 2020 में सिल्वर मेडल पर क़ब्ज़ा जमाया था। 2023 में भी कांस्य पदक जीत कर प्रदेश का नाम रोशन किया।
आपको बता दें कि चैंपियनशिप में बिहार ने 23-7 से हरियाणा को हराया और कांस्य पदक बिहार के नाम किया है। नवादा जिला के बेलधार गांव (सोनसिहारी पंचायत) से राजीव का ताल्लुक है। राजीव के पिता रामशरण प्रसाद के अपने बेटे की कामयाबी से काफी खुश हैं।
रामशरण प्रसाद ने कहा कि राजीव ने अपने गांव का और नवादा जिला के लोगों को गौरवांवित किया है। बिहार सरकार की तरफ़ 21 दिनों का कैंप लगाया गया था। प्रदेश सरकार ने सभी खिलाड़ियों को कीट भी उप्लब्ध करवाई गई। इसलिए बिहार सरकार और बिहार व्हीलचेयर रग्बी एसोसिएशन धन्यवाद के पात्र हैं।
राजीव की कामयाबी पर गांव वालों ने कहा कि यह गौरव करने वाला पल है। इससे समाज में ये सीख भी मिलती है कि दिव्यांग बच्चों को कभी बुरी नज़र से नहीं देखना चाहिए। वह भी समाज और देश का नाम रोशन कर सकते हैं। राजीव ने कामयाबी हासिल कर सभी को प्रेरित करने का काम किया है।












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