2016 के बाद जहरीली शराब से मरे लोगों के परिजनों को मिलेगा मुआवजा, मोतिहारी कांड के बाद नीतीश का ऐलान
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि 2016 के बाद से राज्य में जहरीली शराब से जितनी मौतें हुई हैं, सब में मुआवजा दिया जाएगा। हालांकि परिजनों को शराब बंदी के समर्थन में लिखित देना होगा।

बिहार सरकार ने शराबबंदी लागू तो रख रखी है, लेकिन धड़ल्ले से नकली शराब बिक रही। हाल ही में मोतिहारी में एक दुखद घटना घटी, जहां नकली शराब पीने की वजह से 30 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। अब मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुआवजे का ऐलान किया है।
मीडिया से बात करते हुए सीएम नीतीश ने कहा कि ये एक दुखद घटना है। हम मुख्यमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये प्रदान करेंगे, लेकिन उन्हें लिखित में देना होगा कि वे राज्य में शराबबंदी के पक्ष में हैं और वे शराब पीने के खिलाफ हैं।
सीएम ने कहा कि जो लोग जहरीली शराब पीकर मरे, उन्होंने गलत किया है। फिर भी हम उनके परिवार की मदद करेंगे। अगर 2016 के बाद से किसी के परिजन जहरीली शराब पीकर मरे हैं और उनके परिजन लिखकर देने को तैयार हैं, तो मुआवजा दिया जाएगा। राज्य में जितनी मौतें हुई हैं, उनका आंकड़ा तैयार किया जा रहा है।
अतीक पर कही ये बात
वहीं मीडिया ने सीएम नीतीश से अतीक अहमद हत्याकांड को लेकर भी सवाल किया। जिस पर उन्होंने कहा कि क्या ऐसा कहीं होता है, कौन आकर खड़ा हो गया, पुलिस को देखना चाहिए था। अगर आप जेल से इलाज के लिए ले जा रहे और ऐसा हो गया, तो ये बहुत दुखद है।
सीएम ने कहा कि अगर किसी को सजा होती है, तो उस पर हमको कुछ नहीं कहना, लेकिन पुलिस कस्टडी में ऐसा होना गलत है। किसी अपराधी को अगर किसी काम से जेल से बाहर ले जाया जा रहा, तो उसको सुरक्षित रखना चाहिए। ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती हैं।
वहीं पत्रकारों ने पूछा कि बीजेपी वाले कह रहे कि अपराधियों का ऐसा अंत होगा, इस पर सीएम ने कहा कि कई बार अपराधियों को फांसी दी जाती है, लेकिन ये सब कोर्ट तय करता है। संविधान इसलिए बनाया गया था।












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