Jobs In Bihar: 50 हज़ार से ज़्यादा पदों पर होगी भर्ती, जानिए किस पद पर कितनी वैकेंसी, क्या है पात्रता की शर्ते
Govt Jobs In BPSC Teacher Bihar: बिहार सरकार ने स्कूल शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन योग्य उम्मीदवारों को ढूंढना एक चुनौती बनी हुई है। भर्ती के तीसरे चरण में, बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 87,774 शिक्षक पदों के लिए विज्ञापन दिया।
21 हज़ार से ज़्यादा पद खाली: केवल 66,608 शिक्षकों की ही सफलतापूर्वक नियुक्ति की गई, जिससे 21,166 पद खाली रह गए। इनमें से कई रिक्तियाँ प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक की हैं। खास तौर पर विज्ञान और भाषा विषयों में योग्य शिक्षकों की कमी है।

विज्ञान और भाषा विषयों में शिक्षकों की कमी: माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक स्तर पर विज्ञान विषयों में यह कमी और भी अधिक है। उदाहरण के लिए, उच्चतर माध्यमिक वनस्पति विज्ञान में 1,485 रिक्तियों के मुकाबले केवल 566 उम्मीदवार ही सफल हुए। इसी तरह, प्राणीशास्त्र में 777 रिक्तियों के मुकाबले 625 उम्मीदवारों का चयन हुआ।
ज़रूरत से कम योग्य उम्मीदवार: एससी, एसटी और दिव्यांग कोटा सहित विभिन्न श्रेणियों में स्थिति बहुत खराब है, जहाँ ज़रूरत से कम योग्य उम्मीदवार उपलब्ध हैं। रसायन विज्ञान में सबसे ज़्यादा कमी थी, जहाँ 3,742 रिक्तियों में से केवल 273 सफल उम्मीदवार ही थे। भौतिकी में हर चार रिक्तियों के लिए एक सफल उम्मीदवार था।
भाषा विषयों में भी योग्य शिक्षकों की कमी है। यह समस्या सामान्य से लेकर आरक्षित सभी श्रेणियों में बनी हुई है। सरकार स्कूलों में नए पद सृजित करने से पहले नियोजन इकाइयों के माध्यम से जिलावार रिक्तियों का पुनर्मूल्यांकन करने की योजना बना रही है।
भविष्य की भर्ती योजनाएं: 21 हजार से अधिक रिक्तियां पहले से ही मौजूद हैं और और भी रिक्तियां आने की उम्मीद है, भर्ती के चौथे चरण में 50 हजार से अधिक नए पद खाली हो सकते हैं। बीपीएससी सचिव सत्य प्रकाश शर्मा ने कहा कि योग्य शिक्षकों की कमी के कारण कई पद खाली रह गए हैं। उन्होंने कहा कि रसायन विज्ञान जैसे विज्ञान विषयों में स्थिति विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण है।
अधिक योग्य शिक्षकों की आवश्यकता: सरकार का लक्ष्य जिलावार मूल्यांकन के आधार पर अधिक शिक्षण पद सृजित करके इस मुद्दे का समाधान करना है। यह पहल पिछले चरणों में अयोग्य उम्मीदवारों द्वारा छोड़े गए रिक्त स्थान को भरने में मदद करेगी। मौजूदा चुनौती बिहार के स्कूलों में अधिक योग्य शिक्षकों की आवश्यकता को उजागर करती है। राज्य भर में शैक्षिक मानकों को बेहतर बनाने के लिए इस कमी को दूर करना महत्वपूर्ण है।












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