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मोकामा हत्याकांड: अनंत सिंह के बाद जन सुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी भी जाएंगे जेल? डीजीपी ने दिया बड़ा बयान

Dularchand Yadav Death case: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच पटना जिले के मोकामा से जुड़ा दुलारचंद यादव हत्याकांड अब सियासी और कानूनी दोनों मोर्चों पर बड़ा मुद्दा बन गया है। बाहुबली नेता और जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद अब जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी (Piyush priyadarshi) पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने रविवार (02 नवंबर) को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट कहा कि जो भी इस हिंसक वारदात में शामिल था, उसकी गिरफ्तारी तय है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

Dularchand Yadav Death case

🔹 डीजीपी का बयान-"हर आरोपी की होगी गिरफ्तारी"

डीजीपी विनय कुमार ने रविवार (02 नवंबर) को बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक दुलारचंद की मौत भारी चीज से कुचले जाने के कारण हुई। रिपोर्ट में कई गंभीर चोटों और गोली लगने के निशान की पुष्टि भी हुई है। उन्होंने कहा, "अब तक 80 से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और जांच में जो भी नाम आएंगे, उन सबकी गिरफ्तारी होगी।"

डीजीपी ने यह भी जोड़ा कि घटना स्थल पर मौजूद हर व्यक्ति की जिम्मेदारी तय होगी क्योंकि उस वक्त वहां का माहौल दंगे जैसा था। इस बयान के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि अब पीयूष प्रियदर्शी की गिरफ्तारी भी कभी भी हो सकती है।

🔹 कैसे भड़की मोकामा में हिंसा

बीते गुरुवार (30 अक्टूबर) को मोकामा में राजद नेता दुलारचंद यादव की हत्या ने पूरे इलाके में तनाव फैला दिया। चश्मदीदों के मुताबिक, घटना उस वक्त हुई जब जन सुराज उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के समर्थक इलाके में प्रचार कर रहे थे। तभी जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह के समर्थकों से भिड़ंत हो गई। पत्थरबाजी, गोलीबारी और भगदड़ के बीच दुलारचंद यादव की मौत हो गई।

परिजनों ने आरोप लगाया कि अनंत सिंह और उनके समर्थकों ने गोली चलाने के बाद गाड़ी चढ़ाकर दुलारचंद की हत्या कर दी। इस पूरे मामले में अब तक चार एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं दो दोनों पक्षों की तरफ से, एक पुलिस की ओर से और एक मृतक के परिवार की तरफ से।

🔹 अनंत सिंह फिर पहुंचे बेऊर जेल

शनिवार (01 नवंबर) देर रात अनंत सिंह को उनके घर बेढ़ना (बाढ़) से गिरफ्तार किया गया। रात दो बजे के करीब पटना DM डॉ. त्यागराजन और SSP कार्तिकेय शर्मा ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी पुष्टि की। रविवार को कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया।

यह वही जेल है जहां से तीन महीने पहले वे मोकामा गोलीकांड के मामले में जमानत पर बाहर आए थे। गिरफ्तारी के वक्त अनंत सिंह सफेद पैंट-शर्ट और काले चश्मे में नजर आए। पुलिस सूत्रों के अनुसार, वे पूरी रात जागे रहे और बार-बार यही कहते रहे "घटना के वक्त मैं काफिले से आगे था, पीछे क्या हुआ मुझे नहीं पता।"

🔹 प्रशासन सख्त, चुनाव आयोग भी अलर्ट

मोकामा की हिंसा के बाद चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार देर शाम बाढ़ के SDM चंदन कुमार, ग्रामीण SP विक्रम सिहाग और SDPO राकेश कुमार को हटा दिया गया। उनकी जगह नए अफसरों की नियुक्ति की गई है। DM त्यागराजन ने कहा, "आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। अवैध हथियार जब्त करने के आदेश दिए जा चुके हैं और हर विधानसभा क्षेत्र में 50 से ज्यादा चेकिंग पॉइंट बनाए गए हैं।"

🔹 दुलारचंद यादव का पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलासा

पोस्टमार्टम में दुलारचंद यादव के शरीर पर गहरे घाव, पसलियां टूटी हुई और फेफड़ों में इंटरनल ब्लीडिंग पाई गई है। रिपोर्ट में यह भी लिखा गया कि उनके शरीर पर गाड़ी चढ़ाए जाने जैसे निशान हैं। साथ ही दाहिने पैर के पास गोली लगने के संकेत भी मिले हैं। यानी पहले गोली मारी गई और फिर गाड़ी से कुचला गया।

🔹 CID भी कर रही जांच

मोकामा हत्याकांड की जांच CID और जिला पुलिस संयुक्त रूप से कर रही है। पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि मौके पर मौजूद कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। उन्होंने कहा, "वीडियो फुटेज और गवाहों के बयान से यह साफ है कि घटना के वक्त अनंत सिंह मौके पर मौजूद थे।" पुलिस अब घटनास्थल की हर फुटेज की बारीकी से जांच कर रही है ताकि यह साफ हो सके कि पीयूष प्रियदर्शी और उनके समर्थक किस हद तक इसमें शामिल थे।

अब सवाल यह है कि क्या अनंत सिंह के बाद पीयूष प्रियदर्शी की गिरफ्तारी चुनावी माहौल को और गर्मा देगी? राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मामला मोकामा सीट को हाई-वोल्टेज बना चुका है। एक तरफ बाहुबली छवि वाले अनंत सिंह जेल में हैं, तो दूसरी ओर जनसुराज के युवा उम्मीदवार पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। आने वाले दिनों में यह केस बिहार की सियासत में सबसे चर्चित मामलों में से एक बन सकता है।

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