Mobile App: बेरोज़गारी देख कर आया Idea, अब हज़ारों लोगों को रोज़गार दे रहे निर्मल
Mobile App: देश में ज्यादातर युवा बेरोज़गारी की मार झेल रहे हैं, वहीं बिहार के कई युवा नौकरी छोड़ नया प्रयोगर कर अन्य लोगों को रोज़गार दे रहे हैं। बिहार के युवा विभिन्न क्षेत्रों में अपने हुनर का परचम लहरा रहे हैं।
Mobile App: देश में ज्यादातर युवा बेरोज़गारी की मार झेल रहे हैं, वहीं बिहार के कई युवा नौकरी छोड़ नया प्रयोगर कर अन्य लोगों को रोज़गार दे रहे हैं। बिहार के युवा विभिन्न क्षेत्रों में अपने हुनर का परचम लहरा रहे हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको खगड़िया के रहने वाले निर्मल देव के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने नौकरी छोड़ी और मोबाइल एप्प बनाया और अब वह हज़ारों बेरोज़गार युवकों को रोज़गार भी दे रहे हैं। गौरतलब है कि उन्हें प्रदेश सरकार की तरफ़ से बिहार चेंज मेकर अवार्ड 2022 से सम्मानित भी किया जा चुका है।

बेरोज़गारी देख कर मिला निर्मल को आइडिया
बिहार के खगड़िया ज़िले के रहने वाले निर्मल देव पेशे से इंजीनियर हैं, वह दिल्ली की एक मल्टीनेशनल कंपनी में नौकरी कर रहे थे। कोरोना काल के दौरान जब वह खगड़िया पहुंचे तो देखा कि गांव के छोटे कामगारों को रोजगार की काफी समस्या है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और एक मोबाइल एप्प तैयार किया, जिसके ज़रिए स्थानीय कामगारों को रोज़गार भी मिल रहा है। इसके साथ लोगों को भी आसानी हो रही है, वह घर बैठे एप्प के ज़रिए अपनी ज़रूरत के हिसाब से कामगारों से काम करवा रहे हैं।

1 हज़ार कामगारों को मिला रोज़गार
निर्मल देव इलेक्ट्रॉनिक्स और टेली कम्युनिकेशन में हैदराबाद से बीटेक की पढाई की है। अब वह मोबाइल एप्प के ज़रिए स्थानीय लोगों को घर बैठे रोजगार दे रहे हैं। ग़ौरतलब है कि इस एप्प में रोजमर्रा की ज़रूरतों के कामगार, डॉक्टर, होटल सहित विभिन्न तरह की जानकारी मौजूद है। निर्मल देव द्वारा बनाई गए फ्रोगवॉक एप्प के ज़रिए फिलहाल बिहार के तीन ज़िलों मुंगेर,खगड़िया और बेगूसराय के 1 हजार कामगारों को रोजगार मिला है। अपने इलाके में रहते हुए उन्हें मनचाहा काम मिल पा रहा है।

युवाओं को मिला मनचाहा रोज़गार
फ्रोगवॉक एप्प से जुड़े युवाओं ने बताया कि अपने क्षेत्र में रहकर मनचाही नौकरी मिलना बहुत ही मुश्किल है। लेकिन निर्मल देव द्वारा बनाए गए एप्प से घर बैठे ही रोज़गार मिल गया है। पहले रोज़गार की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था। इसके अलावा भी अगर नौकरी नहीं मिल पाती थी तो एजेंट के ज़रिए विदेशों में रोजगार के लिए जाते थे, जिसमे कई बार ठगी का शिकार भी होना पड़ा। अब फ्रोगवाक एप्प के ज़रिए आसानी से काम मिल रहा है। यह एप्प स्थानीय कामगारों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है।

घर बैठे लोगों की परेशानियों का निकल रहा हल
फ्रोगवॉक एप्प में स्थानीय कामगारों और विभिन्न तरह की जानकारियां दी गईं हैं। जिसके ज़रिए लोगों घर बैठे अपने मसले का हल मिल पा रहा है। जिन्हें भी कोई काम करवाना होता है, वह संबंधित व्यक्ति के दिए गए नंबर पर कॉल कर अपना पता बताते हैं, जिसके बाद कामगर उस पते पर पहुंच कर काम करते हैं। निर्मल देव ने मीडिया से मुखातिब होते हुए बताया कि फ्रोगवॉक एप्प से फिलहाल तीन जिलों के युवाओं को रोज़गार मिला है, आने वाले दिनों में पूरे बिहार में एप्प की सुविधा मुहैय्या कराई जाएगी। इससे और ज्यादा रोज़गार के अवसर पैदा होंगे।
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