Bihar Politics: लालू परिवार नहीं, इस बार ये नेता हैं नीतीश की INDIA अलायंस से एग्जिट का कारण?
Bihar Politics News: बिहार में फिर सियासी बहाव बदलता नजर आ रहा है। 24 जनवरी के बाद से ही सूबे की राजनीतिक आबोहवा में गर्म माहौल का एहसास होने लगा, जो 25 जनवरी तक कयासों के दौर में बदल गया। अटकलें लगना शुरू हुई कि जेडीयू प्रमुख और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फिर से पलटी मारकर बीजेपी के खेमे वाले एनडीए में जा रहे हैं।
बीजेपी के साथ गठबंधन तोड़कर और महागठबंधन के साथ मिलकर सरकार चलाने वाले नीतीश कुमार ही विपक्षी एकता के सूत्रधारों में से एक हैं। उन्होंने ही बीजेपी के साथ अपना रिश्ता तोड़ा और फिर एनडीए के खिलाफ नया मोर्चा जो कि इंडिया गठबंधन है, उसमें सभी दलों को एक जाजम पर लाने की सफल कोशिशों को अंजाम दिया था।

तीसरा झटका नीतीश कुमार
लेकिन अब लोकसभा चुनाव 2024 से पहले ही इंडिया गठबंधन में एक और दरार आ गई है। ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल के बाद अब यह तीसरा झटका नीतीश कुमार देने के मूड में हैं। ऐसे में इंडिया गठबंधन के वास्तुकार कहे जाने वाले नीतीश कुमार का इससे निकलने का क्या कारण है? जानिए।
जानिए कौन हैं नीतीश के एग्जिट का कारण?
दरअसल, लालू यादव की पार्टी के साथ मिलकर नीतीश कुमार ने बिहार में भाजपा को गच्चा दिया और फिर शुरू की विपक्ष एकता की मुहिम, लेकिन अब वो खुद ही गठबंधन से किनारा करने जा रहे हैं। और इसके पीछे लालू परिवार नहीं बल्कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी वजह बताई जा रही है।
जी हां, वो ही ममता बनर्जी जिन्होंने खुद आगे आकर नीतीश कुमार का समर्थन किया था और फिर पहली महागठबंधन की बैठक पटना में हुई, लेकिन अब वो ही ममता 'दीदी' नीतीश कुमार की नाराजगी का असल कारण बताया जा रहा है।
चौथी बैठक के बाद से ही बिगड़ने लगी बात
अंदरखाने से खबरों के मुताबिक दिल्ली में आयोजित हुई इंडिया अलायंस की चौथी बैठक के बाद से ही चीजों का बिगड़ना शुरू हो गया था। जिसमें गठबंधन के अध्यक्ष के रूप में खड़गे के नाम पर मुहर लगी थी, जबकि नीतीश कुमार को उम्मीद थी कि वो चेहरा होंगे।
लालू के साथ थे नीतीश, लेकिन...
अब इसके पीछे की तस्वीर की बात करें तो नीतीश कुमार की आरजेडी चीफ लालू यादव पुरजोर पैरवी कर रहे थे क्योंकि उन्हें बिहार की सत्ता तेजस्वी के लिए सुरक्षित करनी थी, कांग्रेस (सोनिया और खड़गे) भी लगभग मान गए थे, गठबंधन के अन्य सोलह दलों से भी कांग्रेस सहमति जुटा रही थी नीतीश के नाम पर।
ममता ने रोका नीतीश का नाम
लेकिन ममता बनर्जी ने अरविंद केजरीवाल से मिलकर खेल कर दिया। उन्होंने नीतीश को इंडिया अलायंस का अगुवा बनने से रोका। ममता की बात पर राहुल गांधी ने नीतीश के नाम पर मुहर लगाने से रोका। इस पर तेजस्वी ने विरोध भी किया कि जब अधिकांश दल राजी हैं तो सिर्फ ममता के लिए क्यों रुका जाए। और फिर इसी बात पर नीतीश, लालू, तेजस्वी नाराज होकर इंडिया अलायंस की आखिरी मीटिंग से बाहर आ गए थे।
इसके बाद दूसरे पेंच फंसा सीट शेयरिंग की देरी से। खबर के अनुसार जदयू प्रमुख 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए सीट-बंटवारे की बातचीत में देरी से भी नाराज थे। जो अब खुलकर सामने आ गई है।












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