शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब का ऐलान, सीवान से लड़ेंगी निर्दलीय चुनाव, आरजेडी के वोट बैंक पर होगा कितना असर?
Siwan Lok Sabha Seat: लोकसभा चुनाव से ठीक पहले राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में अंदर कार्यकर्ताओं में असंतोष नजर आ रहा है। आरजेडी नेता और मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हिना शहाब ने सिवान लोकसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवारी की घोषणा की है।
आरजेडी की कैंडिडेट लिस्ट में सिवान सीट को लेकर अब तक पत्ता साफ नहीं किया गया है। बीते दिनों यह चर्चा तेज थी कि आरजेडी ने मोहम्मद शहाबुद्दीन का गढ़ कहे जाने वाले सिवान सीट से उनकी बेगम हिना शहाब को दरकिनार कर अवध बिहारी चौधरी को टिकट दिया है।
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बीते दिनों सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल था जिसमें कहा जा रहा था कि सिवान सीट से उन्हें टिकट दिया गया है। अवध बिहारी चौधरी का एक फोटो भी तेजी से शेयर किया जा रहा है जिसमें वो लालू यादव और तेजस्वी के साथ नजर आ रहे हैं। तीनों ने एक बड़े से पीले लिफाफे को पकड़ा हुआ है, जिसके बाद ये चर्चा और गरम हो गई कि सिवान सीट से आरजेडी ने अवध चौधरी को टिकट दे दिया है। हालांकि, वीडियो या फोटो पर अभी तक आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। पार्टी ने इस मसले पर पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है।
इस बीच सीवान से आरजेडी की उम्मीदवारी को लेकर हिना शहाब ने साफ शब्दों कह दिया है कि वह निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी। उन्होंने अपने पति, मरहूम मोहम्मद शहाबुद्दीन के उसूलों का हवाला देते हुए कहा, "मेरे पति सिद्धांत और उसूल के पक्के थे। मैं उन्हीं के सिद्धांतों पर चलते हुए निर्दलीय चुनाव लड़ रही हूं। मैं अपने जुबान पर इंशा अल्लाह कायम रहूंगी।"
लालू परिवार के संपर्क करने पर क्या वो अपना फैसला बदल सकती हैं? ऐसी अटकलों को हिना ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वो अपनी बात से पीछे नहीं हटेंगी। आरजेडी की लिस्ट में सिवान का नाम नहीं होने पर उन्होंने इस बारे में कोई जानकारी नहीं होने की बात कही।
आरजेडी ने सीवान को क्यों होल्ड पर रखा है, क्या हिना के कारण ऐसा किया गया है? इन सभी सवालों पर उन्होंने कहा, "मुझे कुछ नहीं पता, मैंने अपना निर्णय ले लिया है।" हिना के रुख से साफ हो गया है कि अब वो लालू यादव की बात भी नहीं मानने वाली हैं।
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कैसे बदले हिना और आरजेडी के रास्ते?
हिना शहाब, जो कभी खुद को आरजेडी का सिपाही कहती थीं आज पार्टी से अपनी राह जुदा कर खुद को 'न्यूट्रल' बता रही हैं। उनके पति, मोहम्मद शहाबुद्दीन के इंतकाल के बाद उनके और उनके परिवार के ऊपर कई मुश्किलें आईं।
जब बिहार में कुछ समय के लिए महागठबंधन की सरकार थी, तब भी मो. शहाबुद्दीन के बेटे को कई बार मुसीबतों में घिरते देखा गया। यह सब देख, मां हिना शहाब को लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव और राजद से बहुत सारी उम्मीदें की, लेकिन पार्टी उनकी उम्मीदों पर पूरी नहीं उतरी।
हिना शहाब ने अपने बलबूते किसी तरह हालातों का सामना किया और परिवार को संभाला। राजद के कार्यक्रमों से भी हिना को अलग रखा जाने लगा जिस वजह से पार्टी और हिना शहाब के बीच की खाई लगातार बढ़ती गई।
हिना की निर्दलीय उम्मीदवारी से राजद के वोट बैंक पर कितना असर?
सिवान लोकसभा क्षेत्र में मुसलमान वोटों की संख्या अधिक है। राजद का वोट बैंक भी पिछड़ा और मुस्लिम वर्ग का है। ऐसे में हिना की निर्दलीय उम्मीदवारी जाहिर तौर पर आरजेडी की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। इस सीट के साथ ही राजद के मुसलमान वोट बैंक पर भी खतरा मंडरा रहा है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम का बाहर से हिना शहाब को सपोर्ट करना आरजेडी की मुश्किलों में आग में घी की तरह काम कर रहा है।
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क्यों महत्वपूर्ण है सीवान बिहार लोकसभा क्षेत्र?
सीवान संसदीय क्षेत्र बिहार के 40 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। वर्तमान में कविता सिंह सीवान की सांसद हैं। लोकसभा चुनाव 2019 में सीवान सीट पर जदयू से कविता सिंह ने 448473 वोट हासिल कर जीत हासिल की, जबकि राजद की हीना शहाब के पक्ष में 331515 वोट पड़े थे। कविता सिंह ने 116958 वोटों के अंतर से शानदार जीत हासिल की थी।
बात करें 2014 के आम चुनावों की तो, 2014 के सीवान लोकसभा चुनाव में बीजेपी के ओम प्रकाश यादव 372670 वोटों से जीते थे। उपविजेता उम्मीदवार हीना शहाब रहीं थी। राजद की टिकट पर चुनाव लड़ते हुए उन्हें 258823 वोट मिले थे। 2014 में सीवान में कुल 884044 पंजीकृत मतदाता थे।
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