Lok Sabha Chunav 2024: बिहार में ‘NDA या INDIA’ गठबंधन में किसका पलड़ा भारी, BMP नेता बताया क्या है माहौल?
Lok Sabha Election: बिहार के चुनावी माहौल और बन रहे सियासी समीकरण पर वन इंडिया हिंदी से BMP बिहार के उपाध्यक्ष मोहम्मद शाकिर ने ख़ास बातचीत की। उन्होंने बताया कि क्या समीकरण बन रहे हैं। किसका पलड़ा भारी है और क्यों, वीडियो में देखें उन्होंने क्या कुछ कहा?
बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि बिहार ही नहीं पूरे देश में 'INDIA Alliance' का पलड़ा भारी है। देशभर में केंद्र की भाजपा सरकार से जनता ऊब हो चुकी है, उनके ही नेता और कार्यकर्ता विरोध में उतर गए हैं। क्योंकि अब जनता खुद को फिर से ठगी का शिकार होने नहीं देना चाहती है।

ज़मीन पर जिस तरह से विरोध है, उससे तो यही अंदाज़ा लग रहा है कि इस बार केंद्र की मोदी सरकार सत्ता से बाहर होने वाली है, लेकिन अगर कुछ ईवीएम वगैरह का खेला हुआ तो फिर जनता के मताधिकार का कोई महत्व नहीं होगा। चुनाव परिणाम कुछ और ही आएगा। ज़मीनी हक़ीक़त तो यह है कि भाजपा हार रही है।
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ईवीएम के लिए सात सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, उसमें 4 भाजपा के कोर कार्यकर्ता शामिल है। 3 अन्य लोग शामिल हैं। उन लोगों को ईवीएम के पासवर्ड और कोडिंग सब कुछ पता है। वह कहीं से भी बैठकर कहीं का भी परिणाम चुटकियों में बदल सकते हैं।
पीएम मोदी कह रहे हैं चार सौ पार, चुनाव परिणाम से पहले कोई कैसे चार सौ पार का नारा दे सकता है। इसका मतलब है कि भाजपा वालों ने पहले से ही सेटिंग कर रखी है। तभी तो ज़मीन पर इतना विरोध हो रहा है, फिर भी चार सौ पार का नारा दे रहे हैं।
बेगूसराय लोकसभा सीट बिहार क्या देश की हॉट लोकसभा सीटों में शुमार है, वहां की सियासी गतिविधियों पर सभी लोगों और मीडिया संस्थानों की निगाहें टिकीं हुई हैं। गिरिराज सिंह का विरोध काफी हो रहा है। इसके बावजूद वह लगातार यह बयान दे रहे हैं कि पाकिस्तान परस्त और देशद्रोहियों का वोट उन्हें नहीं चाहिए।
मोहम्मद शाकिर ने कहा कि गिरिराज सिंह के इस बयना का क्या मतलब है कि जिन्होंने पिछली बार उन्हें वोट नहीं दिया था, तो वह देशद्रोही हैं, पाकिस्तान परस्त हैं। यह इस बार जो उन्हें वोट नहीं देंगे तो वह देशद्रोही। एक तरह से उन्होंने बेगूसराय के मतदाताओं को देशद्रोही कह दिया है। ज़मीन पर काफी विरोध है। उनकी हार निश्चित है।
विरोध के बाद भी अगर गिरिराज सिंह जीत जाते हैं, तो मतलब साफ़ है कि ईवीएम की सेटिंग से ही गिरिराज सिंह ने जीत दर्ज की है। इसी तरह से जनता के बीच में भाजपा को लेकर देश में काफी विरोध है, इडिया गठबंधन की स्थिति मज़बूत है और महागठबंधन जीत दर्ज कर रही है।












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