नीतीश कुमार ने लोहिया पथ चक्र के निर्माण कार्य का लिया जायजा, कहा- 2021 के अंत तक होगा काम पूरा
पटना। Lohia path chakra patna बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) इन दिनों राज्य में विकास कार्यों का जायजा लेने में व्यस्त हैं। हाल ही में नीतीश कुमार ने ग्लास ब्रिज का एवं स्काई हैंगिंग वॉक का निरीक्षण किया था। साथ ही नालन्दा में जू सफारी के निर्माण का आदेश दिए थे। इन सबके बीच शुक्रवार को नीतीश कुमार ने लोहिया पथ चक्र परियोजना के कामकाज का निरीक्षण किया। इस दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि ये परियोजना अगले साल दिसंबर तक पूरी हो जाएगी।

दिसंबर 2021 तक पूरा हो जाएगा परियोजना का काम
आपको बता दें कि नीतीश कुमार ने इस दौरान लोहिया पथ चक्र परियोजना के कामकाज को देखते हुए कहा कि इसके निर्माण के बाद लोगों को जाम की समस्या से नहीं जूझना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने कहा,''हम उम्मीद करते हैं कि दिसंबर 2021 तक इस परियोजना को पूरा कर लिया जाएगा। जब यह शुरू हो जाएगा तो इसकी सुरक्षा के भी इंतजाम किए जाएंगे। इस परियोजना के पूरे होने से आवागमन में किसी को कोई कठिनाई नहीं होगी। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या भी खत्म होगी। दूसरे राज्य के लोग भी इसे आकर देखेंगे। उन्होंने कहा कि 2015 में इस पर काम शुरु होना था, लेकिन पानी आ जाने के चलते काम में देरी हो गी।''
परियोजना के पूरे होने से सिग्नल फ्री हो जाएगा ट्रैफिक
मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान लोहिया पथ चक्र परियोजना के अंतर्गत सर्कुलर रोड जंक्शन, पुनाईचक जंक्शन, हड़ताली मोड़ जंक्शन के पास मल्टी जंक्शनल ट्रैफिक व्यवस्था के लिए संरचनात्मक निर्माण कार्य का जायजा लिया। मुख्यमंत्री को इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत 'ट्रैफिक सिग्नल फ्री' यातायात की व्यवस्था की जाएगी। सगुना मोड़ से होते हुए डाक बंगला चैराहे तक रोड पर कहीं भी रेड लाइट प्वाइंट पर रूकने की जरुरत नहीं पड़ेगी।
जून 2021 तक पूरा हो जाएगा सर्कुलर रोड जंक्शन
मुख्यमंत्री ने सर्कुलर रोड जंक्शन पर निर्माणाधीन कार्य के निरीक्षण के दौरान अंडरग्राउंड जल व्यवस्था की भी जानकारी ली। उन्होंने बिहार राज्य पुल निर्माण निगम को निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए। वर्ष 2021 के जून माह के अंत तक सर्कुलर रोड जंक्शन की संरचना को पूर्ण कर आवागमन के लिए खोलने का भी उन्होंने निर्देश दिया।
IIT दिल्ली ने भेजा था इस परियोजना का प्रस्ताव- नीतीश कुमार
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आज से 10 साल पहले इस पथ चक्र के निर्माण के संबंध में IIT दिल्ली का प्रस्ताव हमें मिला था। उसके पश्चात् हम लोगों के मन में यह बात आई थी कि यह पूरा का पूरा इलाका ऐसा है कि जहां ट्रैफिक की समस्या रहेगी। हम लोगों को ऐसा कोई सिस्टम बनाना चाहिए जिसमें कोई भी कहीं, किसी तरह से आना-जाना चाहता हो तो इसके लिए एक अलग से रास्ता हो। इस कॉन्सेप्ट को देखकर हम लोगों को बहुत खुशी हुई थी। सबसे पहले देश में बिहार में ही इस कॉन्सेप्ट को एडॉप्ट किया गया और उसी के हिसाब से हम लोगों ने इसके निर्माण का निर्णय किया। इसका नाम लोहिया पथ चक्र रखा गया। इसमें 49 अलग-अलग रास्ते बने हुए हैं। उसी कॉन्सेप्ट के अनुसार इसका काम शुरु किया गया है।












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