बिहार में शराबबंदी कानून में संशोधन के बाद फिर से पुनर्विचार की अपील, अब क्या होगा संशोधन ?
बिहार में शराबबंदी अभी भी पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पाई है। आए दिन अवैध शराब की खेप बरामद होने की ख़बर देखने को मिल रही है।
पटना, 1 जून 2022। बिहार में शराबबंदी अभी भी पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पाई है। आए दिन अवैध शराब की खेप बरामद होने की ख़बर देखने को मिल रही है। कुछ दिनों पहले कटिहार जंक्शन से महज 6 किलोमीटर की दूरी पर शराब तस्करी का मामला सुर्खियों में था। इसके अलावा बिहार के विभिन्न रेलवे जंक्शनों पर चेकिंग अभियान के दौरान विभिन्न ट्रेनों से लावारिस हालत में अवैध शराब भी ज़ब्त की जाती रही है। वहीं अब शराबबंदी कानून में संशोधन के बाद बिहार सरकार की तरफ से पटना हाईकोर्ट में पुनर्विचार की फिर से अपील की गई है।

अप्रैल महीने में हुआ था संशोधन
शराबबंदी कानून में संशोधन के बाद अब राज्य सरकार ने पटना हाई कोर्ट से द्वितीय श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की पॉवर देने पर पुनर्विचार की अपील की गई है। बी कार्तिकेय धनजी (आयुक्त, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग) की तरफ़ से मिली जानकारी के मुताबिक पटना हाई कोर्ट को पिछले दिनों को बाबत पत्र भी लिखा गया है। ग़ौरतलब है कि शराबबंदी कानून में अप्रैल महीने में संशोधन किया गया था। संशोधन के मुताबिक कोई व्यक्ति अगर पहली बार शराब पी कर पकड़ा जाता है दो से पांच हजार रुपये जुर्माना लगा कर छोड़ने का प्रावधान है। विशेष कार्यपालक दंडाधिकारियों के पास यह कार्रवाई होगी। आपको बता दें कि इस बाबत 38 जिलों में राज्य सरकार ने अधिसूचित 392 कार्यपालक दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति भी कर दी थी। इसके साथ ही पटना हाई कोर्ट से इन कार्यपालक दंडाधिकारियों को द्वितीय श्रेणी के न्यायिक दंडाधिकारी की शक्ति देने का आग्रह भी किया गया था, लेकिन हाई कोर्ट ने नामंजूर कर दिया था।
पटना हाई कोर्ट से एक बार फिर अपील
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राज्य सरकार ने न्यायिक दंडाधिकारी की शक्ति देने के लिए पटना हाई कोर्ट से एक बार फिर अपील की है। इसके साथ ही हाईकोर्ट से शराबबंदी संशोधन कानून को और बेहतर बनाने के लिए मार्गदर्शन भी मांगा है। बिहार में शराबबंदी कानून में संशोधन का विधेयक इसी साल मार्च में विधानमंडल के दोनों सदनों से पारित कर दिया गया था। बिहार मद्य निषेध और उत्पाद संशोधन विधेयक-2022 सदन में पेश किया गया था। शराबबंदी के पुराने कानून में सबसे बड़ा संशोधन यह हुआ है कि शराब पीते पकड़े जाने पर जेल भेजने की बजाए जुर्माना देकर छोड़ दिए जाने का भी प्रावधान है।
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