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Liqour Ban In Bihar: महाबोधी मंदिर में शराब चढ़ाने लिए जा रहा था रूसी बौद्ध भिक्षु, हुआ गिरफ्तार

Liqour Ban In Bihar:बिहार में शराबबंदी के बावजूद प्रदेश के विभिन्न ज़िलों से शराब बरामद होने की खबर मिलते रहती है। बौधगया के महाबोधि मंदिर में एक बार फिर भिक्षु के पास से शराब बरामद हुई है।


Liqour Ban In Bihar: बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब का इस्तेमाल धड़ल्ले से हो रहा है। कहीं शराब की तस्करी हो रही है तो कहीं मंदिरों में शराब चढ़ाया जा रहा है। ताज़ा मामला बिहार के बोधगया का है, जहां महाबोधि मंदिर में शराब चढ़ाने आए रूसी बौद्ध भिक्षु को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दरअसल बोधगया के महाबोधि मंदिर में 10 मिली लीटर शराब लेकर रूसी बौद्ध भिक्षु मंदिर परिसर में दाखिल हुआ था। मिली जानकारी के मुताबिक वह बौद्ध धर्म के तहत तंत्र साधना के लिए मंदिर में शराब चढ़ाने गया था। सुरक्षा कर्मियों ने भिक्षु को शराब के साथ देखा तो उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।

रूसी बौद्ध भिक्षु इडिपसी एयास के खिलाफ मामला दर्ज

रूसी बौद्ध भिक्षु इडिपसी एयास के खिलाफ मामला दर्ज

पुलिस ने आरोपी रूसी बौद्ध भिक्षु इडिपसी एयास के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं इस पूरे मामले में रूपेश कुमार (थानाध्यक्ष, बोधगया) ने बताया कि शराब लेकर रूसी बौद्ध भिक्षु मंदिर में दाखिल होने की कोशिश कर रहा था। जब उसके सामानों को स्कैन मशीन में डाला गया तो उसमें बोतल दिखी। जब सुरक्षा कर्मियों ने सामान खुलवाकर देखा तो उसमें से विदेशी शराब की रखी थी। 100 एमएल वाली शराब की बोतल में करीब 10 एमएल शराब बरामद की गई। चूंकि राज्य में शराब प्रतिबंधित है, इसलिए आरोपी भिक्षु के खिलाफ मामला दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

'21 तारा देवियों की होती है साधना'

'21 तारा देवियों की होती है साधना'

बौद्ध धर्म में तंत्र साधना को खास तरजीह दी जाती है, जानकार बताते हैं कि बौद्ध धर्म से जुड़े दूसरे पंथ में तंत्र साधना की खास पूजा की जाती है। इसमें 21 तारा देवियों की साधना की जाती है। हर के पंथ के अलग-अलग विधान के तहत साधना होती है। हालांकि महाबोधि मंदिर में यह नज़ारा नहीं दिखता है, लेकिन मंदिर परिसर में अक्सर बौद्ध भिक्षु और लामा साधना में लीन नजर आते हैं। आपको बता दें कि बोधगया में तंत्र साधना के तहत पिछले दिनों मुखौटा डांस भी हुआ था। बौद्ध भिक्षुओं की मानें तो बुरी आत्माओं को इस डांस के ज़रिए से दूर भगाया जाता है और उन पर जीत हासिल करने के लिए डांस किया जाता है।

बौद्ध भिक्षु करते हैं विश्व शांति की कामना

बौद्ध भिक्षु करते हैं विश्व शांति की कामना

मुखौटा डांस के ज़रिए बौद्ध भिक्षु विश्व शांति की कामना करते हैं। ग़ौरतलब है कि बौद्ध और लामा ही यह काम करते हैं। डुके थुवटेंन छोलिंग सांगु बौद्ध मठ में हुआ आध्यात्मिक मुखौटा नृत्य हुआ था। 2 दिनों तक चले इस डांस में बोद्ध भिक्षु और लामा ने ध्यान लगाया था। बौद्व भिक्षु की मानें तो मुखौटा डांस के पहले से ही बौद्ध भिक्षु काफी वक्त तक ध्यान और प्रार्थना करते हैं। इसके लिए बाज़ाबते सिर पर खौफनाक मुखौटा और हाथों में प्रतीकात्मक चीज़ों को धारण करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस भयंकर रूप को देखने पर बुरी आत्मा डरकर भाग जाती है।

पहले भी हो चुकी है शराब बरामद

पहले भी हो चुकी है शराब बरामद

यह पहला मामला नहीं है जब महाबोधि मंदिर में शराब बरामद हुई है। इससे पहले भी दिसंबर महीने में मंदिर परिसर में सुरक्षा कर्मियों के बैरक के पास से शराब की बोतले मिली थी। जिस पर एसएसपी हरप्रीत कौर ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की थी। इस मामल में चार सुरक्षा कर्मी निलंबित भी हुए थे। एक बार फिर शराब मिलने से शराबबंदी पर सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर रूसी भिक्षु मंदिर तक शराब लेकर कैसे पहुंच गया ?

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