Bihar News: मज़दूर के बेटे ने लहराया हुनर का परचम, आदित्य को मिला PM Modi से मिलने का न्यौता
Purnia News: इंसान अगर मेहनत और लगन से कोई काम करता है तो उसे कामयाबी ज़रूर मिलती है। राह में मुश्किलें ज़रूर आती हैं लेकिन वह मंज़िल पा ही लेता है। कुछ ऐसी ही कहानी बिहार के पूर्णिया ज़िले के रहने वाले अदित्य की है। जिसका परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है लेकिन उसके हुनर के चर्चे सुर्खियों में हैं।
पूर्णिया जिले का रहने वाला आदित्य कुमार एक ग़रीब मजदूर का बेटा ज़रूर है, लेकिन उसका हुनर अब किसी परिचय का मोहताज नहीं है। आदित्य कुमार ने अपने हुनर का परचम देशभर में लहरा दिया है। हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय कला उत्सव में आदित्य ने दूसरे पायदान पर जगह बनाई है।

आदित्य को इस कामयाबी के बाद अब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने का अवसर हासिल हुआ है। वह पीएम मोदी से मुलाक़ात कर एग्ज़ाम पर चर्चा करेंगे। परिवार के लोग जिस आदित्य को कलाकृति करने की वजह डांटते थे। अब उसकी तारीफ़ करते नहीं थक रहे हैं।
आदित्य ने अपनी कलाकृति से ना सिर्फ़ अपने परिवार का बल्कि ज़िले और प्रदेश का नाम देश भर मे रोशन कर दिया है। झुन्नी कला गांव (पूर्णिया) के वार्ड नंबर 14 के रहने वाले आदित्य कुमार के पिता युगल मेहता पेशे से एक मजदूर हैं।
मज़दूरी कर वह अपने परिवार का गुज़ारा करते हैं, इसके अलावा आय का कोई और साधन नहीं है। आदित्य की प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल से हुई है। वह बचपन से ही कला में काफी दिलचस्पी रखते थे। परिवार की आर्थिक तंगी की वजह से उन्हें अपनी कला को आगे बढ़ाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
आदित्य ने बताया कि उनके पिता कई बार कला करने पर डांट लगाते थे। उनकी ख्वाहिश थी कि मैं सिर्फ और सिर्फ पढ़ाई पर ध्या दूं, लेकिन मुझे अपने कला में ही कैरियर बनाना था। मेहनत और लगन से कला में लगा रहा । इसी का नतीजा है कि आज राष्ट्रीय स्तर की कला प्रतियोगिता में यह मुकाम हासिल कर पाया हूं।
बेटे की कामयाबी से पिता पिता युगल मेहता और मां स्वीटी देवी काफी खुश हैं। वहीं परिवार के अन्य लोगों ने भी खुशी का इज़हार किया। उन्होंने कहा कि आदित्य को 26 जनवरी के दिन अतिथि के तौर पर दिल्ली में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। इसी दौरान पीएम मोदी से भी मुलाक़ात होगी।












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