Bihar Politics: NDA में मांझी की बातों को नहीं मिल रही तरजीह, क्या चुनाव से पहले बिगड़ेगा खेल?
Bihar News: बिहार में नीतीश कुमार ने एनडीए के साथ सरकार तो बना ली है। चुनाव आते-आते समीकरण बिगड़ने की चर्चा भी तेज़ हो चुकी है। हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी एनडीए के सहयोगी दलों में शामिल तो हैं, लेकिन रहे रहे उनका दर्द छलक ही जाता है।
जीतन राम मांझी एनडीए गठबंधन में जो इज़्ज़त चाह रहे थे, वह नहीं मिल पा रही है। उन्हें लग रहा था कि 4 विधायकों का समर्थन देने के बाद एनडीए में कद बढ़ेगा, क्योंकि उन्हें ही एनडीए की सरकार बनाने का श्रेय जा रहा है, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।

जीतन राम मांझी एनडीए के सिर्फ़ सहयोगी दलों की नेताओं की तरह ही देखे जाने लगे, उन्हें कोई स्पेशल ट्रीटमेंट नहीं मिल रही है। वह अपनी तरफ़ से जो भी सलाह देते हैं, उस पर बिना रायशुमारी के ही सहयोगी दल के नेता सिरे से ख़ारिज कर दे रहे हैं।
बिहार में शराबबंदी काननून पर जीतन राम मांझी ने कहा था कि समीक्षा कर, गुजरात की तर्ज़ बिहार में शराब पीने का कानून लाया जाए। जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि समीक्षा की कोई ज़रूरत नहीं है। यह प्रदेश के आम लोगों की पक्ष में हैं।
नीरज कुमार ने बिना किसी का नाम लेते हुए कहा कि शराबबंदी कानून की समीक्षा की दलील देने वाले कुछ लोग हैं। मेरी उन लोगों से गुज़ारिश है कि अपने स्वजन से इस बाबत लिखित मांग करवाएं। शराबबंदी कानून की वजह से 2 करोड़ से ज्यादा लोगों ने शराब का सेवन बंद कर दिया। इसका असर दिख रहा है।
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार के बयान से पहले पूर्व सीएम जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर दिए बयान के बाद से ही यह चर्चा तेज़ हो गई है कि, अब मांझी अहसानें का क़र्ज़ उतार चुके हैं। एनडीए गठबंधन में सही सम्मान नहीं मिला तो वह चुनाव से पहले कुछ और खेला कर सकते हैं।
आपको बता दें कि जीतन राम मांझी (पूर्व सीएम और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के संरक्षक) ने हाल ही में यह बयान दिया था कि नीतीश कुमार ने मुझे मुख्यमंत्री बनाया तो, हमने भी उनकी सराकर गिरने से बचा दी। अब दोनों का हिसाब चुकता हो गया।
जीतन राम मांझी ने कहा कि 122 वोटों के सहारे सरकार बचाई जा सकती थी, अगर 1 वोट भी कम होता तो सरकार नहीं बन पाती। कई लोग पहले से संपर्क में थे, सीएम पद का ऑफर था। अगर नीतीश कुमार का साथ नहीं देते तो 121 वोट मिलता और सरकार गिर जाती।
जीतन राम मांझी ने पुराने राजनीतिक घटना क्रम को याद करते हुए कहा कि रामविलास पासवान ने अटल बिहारी वाजपेई जी को अपना 1 मत नहीं दिया था, जिसकी वजह से उनकी सरकार गिर गई थी। मांझी के इस बयान के बाद साफ हो गया है कि अगर उन्हें सही सम्मान नहीं मिला तो खेला मुमकिन है।












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