Bihar Politics: ‘सविनय निवेदन है कि…’, JDU को झटके पर झटका, मुस्लिम नेता कर रहे किनारा, इस्तीफ़ों का दौर जारी
Bihar Politics: वक्फ संशोधन बिल पर सीएम नीतीश की पार्टी के समर्थन के बाद बिहार में चुनावी ऐतबार से सियासी फिज़ा बदल चुकी है। पार्टी के नेताओं ने जदयू से किनारा करना शुरू कर दिया। चुनाव से पहले जदयू के मुस्लिम नेताओं के इस्तीफों का दौरा जारी है।
सिए मोहम्मद तबरेज सिद्दीकी अलीग (प्रदेश महासचिव, जेडीयू अल्पसंख्यक विभाग) ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। उन्होंने सीएम नीतीश कुमार को पत्र के ज़रिए इस्तीफ़ा दे दिया है। तबरेज़ सिद्दीकी ने कि मैंने जदयू से इस्तीफ़ा दे दिया है। क्योंकि जदयू द्वारा वक्फ संशोधन बिल का समर्थन कर जदयू ने मुस्लिम समुदाय को गहर ज़ख्म दिया है।

तबरेज़ सिद्दीकी ने इस्तीफा पत्र में लिखा, सविनय निवेदन है कि मैं जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) का एक निष्ठावान कार्यकर्ता रहा हूँ और वर्षों तक पार्टी की विचारधारा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता निभाता आया हूँ। मुझे विश्वास था कि जेडीयू सदैव धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय और अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।
लेकिन हाल ही में वक्फ़ बिल संशोधन अधिनियम 2024 के प्रति आपकी पार्टी के समर्थन ने मेरे विश्वास को गहरा आघात पहुँचाया है। लोकसभा में श्री ललन सिंह द्वारा इस विधेयक के समर्थन में दिए गए बयान अत्यंत निराशाजनक और दुखद हैं। यह विधेयक भारतीय मुसलमानों के संवैधानिक अधिकारों पर कुठाराघात करता है और समूचे मुस्लिम समाज को हाशिए पर धकेलने का प्रयास प्रतीत होता है।
मुझे कभी यह अनुमान नहीं था कि जेडीयू इस विधेयक का समर्थन करेगी। आपकी पार्टी के कुछ करीबी लोगों ने जेडीयू को ऐसी स्थिति में पहुँचा दिया है कि यह अपने मूल सिद्धांतों से भटक गई है। जिस मुस्लिम समाज ने बीते 19 वर्षों से पार्टी का समर्थन किया, उन्हीं के खिलाफ इस प्रकार का निर्णय लिया गया। यह कृत्य उन लाखों समर्थकों के विश्वास के साथ विश्वासघात है, जिन्होंने आपको बार-बार मुख्यमंत्री पद तक पहुँचाया।
आगामी बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में इसका प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देगा और जल्द ही जेडीयू में व्यापक असंतोष के कारण भगदड़ भी मचने वाली है।इस परिस्थिति में, मेरी अंतरात्मा मुझे जनता दल यूनाइटेड में बने रहने की अनुमति नहीं देती। अतः मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता एवं अपने सभी दायित्वों से तत्काल प्रभाव से त्यागपत्र दे रहा हूँ। आपसे आग्रह है कि मेरे त्यागपत्र को स्वीकृत कर मुझे पार्टी की सदस्यता से मुक्त किया जाए।












Click it and Unblock the Notifications