Bihar Election 2025: बिहार में गरमाया वोटर लिस्ट विवाद, JDU सांसद ने SIR को बताया 'तुगलकी फरमान'
JDU MP Giridhari Yadav on SIR: बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची को अपडेट करने की कवायद ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। चुनाव आयोग द्वारा शुरू की गई विशेष पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर न सिर्फ विपक्ष बल्कि सत्तारूढ़ दल के नेता भी अब खुले तौर पर सवाल उठा रहे हैं। जनता दल (यूनाइटेड) (JDU) के सांसद गिरीधारी यादव, जो बांका से सांसद हैं, ने इस प्रक्रिया को "तुगलकी फरमान" करार दिया है।
गिरिधारी यादव का कहना है कि आम लोगों को तो छोड़िए, उन्हें खुद अपने दस्तावेज जुटाने में 10 दिन लग गए। उन्होंने चुनाव आयोग पर सीधे हमला करते हुए कहा कि आयोग को बिहार के इतिहास और भूगोल की भी समझ नहीं है। गिरीधारी यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राज्य में पहले से ही इस मुद्दे को लेकर राजनीति गरम है और विपक्षी दल लगातार इस प्रक्रिया को जल्दबाज़ी में लिया गया कदम बता रहे हैं।

"चुनाव आयोग को बिहार का भूगोल-इतिहास नहीं पता"
संसद भवन के बाहर ANI से बातचीत करते हुए गिरीधारी यादव ने कहा, "चुनाव आयोग को न बिहार का इतिहास पता है, न भूगोल। उन्हें कुछ नहीं मालूम।" उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस समय किसान खेतों में व्यस्त हैं और बारिश का मौसम चल रहा है, तो ऐसे में लोग कैसे समय निकालकर दस्तावेज इकट्ठा करेंगे?
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"मेरा बेटा अमेरिका में है, वो एक महीने में साइन कैसे करेगा?"
गिरीधारी यादव ने अपने व्यक्तिगत अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उनके बेटे अमेरिका में रहते हैं और SIR के दस्तावेजों में उनके साइन की जरूरत थी। उन्होंने कहा, "आप बताइए, एक महीने में वो कैसे साइन करके भेज देगा? ये प्रक्रिया हम पर जबरन थोपी गई है। अगर चुनाव आयोग को करना ही था, तो कम से कम 6 महीने का समय देना चाहिए था।"
"ये मेरी निजी राय है, पार्टी की बात अलग है"
उन्होंने यह भी साफ किया कि यह उनके व्यक्तिगत विचार हैं, पार्टी की राय इससे अलग हो सकती है। उन्होंने आगे कहा, "अगर मैं सच नहीं बोल सकता तो सांसद क्यों बना हूं? ये मेरा निजी अनुभव है और मैं वही कह रहा हूं जो खुद झेला है।"
विपक्ष की मांग से मेल खाती है गिरिधारी यादव की बात
गिरीधारी यादव की यह टिप्पणी उस वक्त आई है जब बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भी SIR की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई। तेजस्वी ने कहा कि विपक्ष को इस विशेष पुनरीक्षण से नहीं, बल्कि इसे जल्दबाज़ी में लागू करने के तरीके से आपत्ति है।
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