नीतीश सरकार के फ्लोर टेस्ट से पहले होटल में रात गुजारेंगे जदयू के विधायक
बिहार में आज नीतीश सरकार का फ्लोर टेस्ट होना है। ऐसे में सभी दल अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं। इस बीच सत्तारूढ़ जनता दल युनाइटेड ने अपने विधायकों को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें चाणक्य होटल में शिफ्ट करदिया है।
आज होने वाली बड़ी परीक्षा को लेकर जदयू किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाना चाहती है। आज भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार का बिहार में फ्लोर टेस्ट है। विधायकों को चाणक्य होटल शिफ्ट करने का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमे देखा जा सकता है कि जदयू के विधायक पटना स्थित चाणक्य होटल जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जिन्होंने रिकॉर्ड 9वीं बार प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। उनके लिए आज का दिन काफी अहम है। नीतीश कुमार ने एनटीए में शामिल होने के बाद इसे घर वापसी कहा। उन्होंने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि हम आसानी सो सोमवार को फ्लोर टेस्ट पास कर लेंगे।
जिस तरह से इंडिया गठबंधन ने नीतीश कुमार का नाम संयोजक के तौर पर शामिल नहीं किया उससे आहत नीतीश ने विपक्षी गठबंधन से खुद को अलग कर लिया। उन्होंने महागठबंधन से भी नाता तोड़ लिया और एक बार फिर से एनडीए में शामिल हो गए।
नीतीश कुमार ने महागठबंधन की सरकार से 28 जनवरी को इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने 18 महीनों तक महागठबंधन की सरकार का नेतृत्व किया। लेकिन फिर उन्होंने राजद, कांग्रेस से अलग होकर एनडीए में शामिल होने का फैसला लिया। नीतीश ने कहा कि मुझे अपने समर्थकों से लगातार सुझाव मिल रहे थे, तमाम लोगों के सुझावों को देखते हुए मैंने यह फैसला लिया।
बता दें कि फ्लोर टेस्ट से पहले विधायकों को लेकर सस्पेंस अभी भी बरकरार है। जदयू के कुछ विधायक पार्टी की अहम बैठक में नजर नहीं आए। पटना में रविवार की शाम को अहम बैठक से कुछ विधायक नदारद नजर आए। यहां तक कि उनका फोन भी बंद है।
बिहार में विधानसभा की कुल 243 सीटें हैं। जदयू के पास 45 विधायक हैं जबकि भाजपा के पास 79 और हम के पास 4 सीटें हैं। ऐसे में कुछ निर्दलीय विधायकों का भी नीतीश के पास समर्थन है। लिहाजा यह आंकड़ा 128 तक पहुंच जाता है, जोकि पूर्ण बहुमत के आंकड़े से कहीं अधिक है। एनडीए के पास कुल 128 विधायकों का समर्थन है जबकि महागठबंधन के पास 115 विधायकों का समर्थन है। बहुमत के लिए 122 विधायकों की जरूरत है।












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