'JDU के पास अब कुछ नहीं बचा', BJP के पाले में आने बाद बोले उपेंद्र कुशवाहा
जदयू से अलग होने के बाद उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि JDU सत्ता में आने के बाद वो अपने वादों से मुकर गई। कार्यकर्ताओं और जनता को परेशान किया जाने लगा।

Upendra Kushwaha on JDU: जदयू से अलग होने के बाद उपेंद्र कुशवाहा (Upendra Kushwaha) लगातार सीएम नीतीश कुमार के बड़े आरोप लगा रहे हैं। पार्टी छोड़ने के कारणों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा की बिहार के लोगों ने कर्पूरी ठाकुर की विरासत को संजोने के लिए जेडीयू नेता नीतीश कुमार को वोट दिया था। लेकिन इस पार्टी ने बिहार के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को बहुत परेशान कर दिया।
बिहार की सियासत में उस वक्त बड़ी उथल पुथल देखी गई जब सोमवार को जेडीयू नेता उपेंद्र कुशवाहा ने अपने दल को छोड़ने के साथ ही नई पार्टी का ऐलान कर दिया। उपेंद्र कुशवाहा ने अपने दल का नाम 'राष्ट्रीय लोक जनता दल' रखा है। हालांकि उपेंद्र कुशवाहा इससे पहले भी जेडीयू को इसी तरह का एक झटका दे चुके हैं। साल 2013 में भी उन्होंने जेडीयू छोड़ी थी। राष्ट्रीय लोक समता पार्टी बनाई (RLSP) बनाई थी। 2014 का लोकसभा चुनाव भाजपा के साथ लड़ा और वे मोदी सरकार में मंत्री बने थे।
वहीं अब उपेंद्र कुशवाहा का जेडीयू से अलग होना नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। वहीं कुशवाहा जेडीयू से अलग होने और भाजपा के खेमे में जाने के बाद लगातार जदयू पर हमला बोल रहे हैं। उन्होंने नीतीश कुमार से अलग होने के सवाल कहा, "जदयू छोड़ने की साफ वजह है। लोगों ने कर्पूरी ठाकुर (Karpoori Thakur) की विरासत की रक्षा के लिए नीतीश कुमार को वोट दिया। उसने इसे छोड़ दिया। इसने बिहार (Bihar) के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को परेशान किया"।
आरएलजेडी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जदयू के पास अब कुछ नहीं बचा है। ऐसे में एक तरफ खड़े होकर मूकदर्शक की भांति पार्टी में बने रहना भी संभव नहीं था। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने बिहार की जनता की भलाई और कर्पूरी ठाकुर की विरासत की रक्षा के लिए ये निर्णय लिया है।
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