Gaya News: जनता दरबार था स्थगित,फिर भी पहुंच गए फरियादी, इसके DM ने जो किया, लोग हुए मुरीद
Gaya Janta Darbar News: बिहार में अक्सर सरकारी अधिकारियों के कार्यशैली पर सवाल उठते रहे हैं। आम लोगों की शिकायत रहती है कि अधिकारी लोगों तक उनकी बात नहीं पहुंच पाती, मुलाक़ात नहीं हो पाती है। वहीं प्रदेश में कुछ ऐसे भी पदाधिकारी हैं, जिनकी कार्यशैली से जनता काफी प्रभावित है और उनकी तारीफ़ करते नहीं थकती है।
बिहार के गया ज़िला पदाधिकारी उन अधिकारियों में से एक हैं, जिनकी तारीफ़ करते लोग नहीं थकते हैं। 4 अक्टूबर शुक्रवार को भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जिससे गया की जनता अपने जिला पदाधिकारी की मुरीद हो गई। दरअसल जनता दरबार स्थगित था, इसके बाद भी फरियादी डीएम के पास पहुंच गए।

जनता दरबार में पहुंचे फरियादी की ख़बर मिलते ही ज़िला पदाधिकारी गया डॉ. त्यागराजन एसएम, लोगों से मिलने पहुंचे। वहां मौजूद करीब 200 लोगों के मामले को गौर से सुना। इसक बाद संबंधित पदाधिकारियों को मिले आवेदनों की जांच करते हुए जांच की कॉपी मुहैय्या कराने का निर्देश दिया।
आवेदकों के कई मामलों में डीएम ने जिले के वरीय पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, संबंधित प्रखंड के नामित जिला स्तरीय पदाधिकारी को मामले की जांच की भी जिम्मेदारी दी गई है। जनता दरबार में प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आवास योजना से जुड़े मामले भी आये।
डीएम डॉ. त्यागराजान एसएम ने उप विकास आयुक्त को आवास योजना से संबंधित आवेदनों को जल्द से जल्द जांच करते हुए, एलिजिबल लोगों को प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री आवास योजना का फायदा देने के लिए आगे की कार्रवाई का निर्देश दिया। वहीं ज़मीन भूमि, बंटवारा, अतिक्रमण, जमीन से जुड़ी दिक्कतों से जुड़े आवेदन पर भी संज्ञान लिया।
डीएम ने गया ने संबंधित अंचलाधिकारी, थानाध्यक्ष एवं अनुमंडल पदाधिकारी तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के अध्यक्षता में थाना स्तर और अनुमंडल स्तर पर हर शनिवार को आयोजित होने वाले जनता दरबार में आरोपी और पीड़ित पक्ष को बुलाकर संबधित मामलों को प्राथमिकता से निराकरण का निर्देश दिया।
जनता दरबार में जमीन से संबंधित बहुत ज़्यादा मामला देखते हुए जिला पदाधिकारी ने भूमि सुधार उप समाहर्ता को निर्देश दिया कि आए आवेदनों को अच्छे तरीके जांच करें। संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमानुसार उचित कार्रवाई के लिए आदेश करें।
इसके साथ ही प्राप्त कई आवेदनों के खिलाफ वरीय पदाधिकारी नामित कर जांच के लिए निर्देशित किया है। साथ ही जांच पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि मिले आवेदन कोज्यादा से ज्यादा 7 दिनों में जांच करें। दोषी कर्मी और पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करें।
जनता दरबार में कई व्यक्ति द्वारा दिए गए परिमार्जन के संबंध में आवेदन पर डीएम ने संबंधित अंचलाधिकारी एवं राजस्व पदाधिकारी को सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि परिमार्जन के लंबित आवेदनों को तेजी से निपटाएं। जमीन से जुड़े ज़्यादातर मामले गांव के होते हैं। किसान होते है, इन्हें सरकारी कागजी प्रक्रिया के बारे में हर तरह से मदद करें।
जरूरत पड़े तो ग्रामीणों की समस्या के आलोक में उन्हें आवेदन लिखवाने में मदद करें, किसी को बेवजह दौड़ना नहीं पड़े इसका पूरा ख्याल रखें। अतरी प्रखंड के सीढ़ पंचायत के सरकारी विद्यालय में अतिक्रमण की सूचना पर डीएम ने जिला शिक्षा पदाधिकारी को तुरंत जांच करते हुए अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है।
रति बिगहा, बोधगया अंचल के एक आवेदक ने बताया कि बिना किसी कारण के आपत्ति लगाकर स्थल जांच के नाम पर पिछले 06 माह से जमीन का म्युटेशन को लंबित रखा गया है, परंतु स्थल जांच की कोई आवश्यकता नही है। डीएम ने अपर समाहर्ता को निर्देश दिया कि उक्त मामले को विस्तार से जांच करे, जिस स्तर पर लापरवाही रहेगी, निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।












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