32 साल पुराने अपहरण मामले में पप्पू यादव को मिली जमानत, सबूत के अभाव में रिहा करने का आदेश
मधेपुरा। इसी वर्ष बीते 12 मई को 32 साल पुराने अपहरण केस में पटना से गिरफ्तार हुए जन अधिकारी पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव की जेल से रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। सोमवार सो इस मामले में मधेपुरा कोर्ट में जनप्रतिनिधियों के विशेष अदालत एडीजे 3 निशिकां ठाकुर ने मामले की सुनवाई पूरी करते हुए पप्पू यादव को रिहा करने का आदेश दिया है। दरअसल, 32 साल पुराने अपहरण मामले में 11 मई को पटना से पप्पू यादव को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में आखिरी बार पैसला सुनाते हुए अपर जिला एवं संत्र न्यायाधीश सह विशेष अदालत मधेपुरा निशिकांत ठाकुर ने पप्पू यादव को सबूत के अभाव में रिहा करने का आदेश दिया है।

वहीं इस फैसले के बाद पप्पू यादव ने ट्वीट कर लिखा कि इंसाफ हुआ, षड्यंत्र बेनकाब हुआ। जनता के आशीर्वाद से आज बाइज्जत बरी हो गया। साबित हो गया फर्जी मुकदमा में मुझे कैद किया गया था। न्यायालय के प्रति आभार! मैं रुकूंगा नहीं, झुकूंगा नहीं, थकूंगा नहीं, लड़ता रहूंगा! आज से फिर संघर्ष पथ पर आगे बढूंगा।बता दें कि 30 सितंबर को बहस के बाद आज वाद निर्णय के लिए निर्धारित था।
गौरतलब है कि इस मामले में दो गवाहों की पहले ही मौत हो चुकी है। वहीं सूचक और पीड़ित अपने बयान से पलट गए हैं। इस पूरी सुनवाई के दौरान पप्पू यादव ने खुद को बेगुनाह बताया है। कोर्ट की तरफ से आदेश मिलने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि पप्पू यादव आज शाम तक जेल से बाहर आ जाएंगे। बता दें कि बीते 12 मई को पटना के एक मामने में पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद उन्हें मधेपुरा कोर्ट से जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार कर 12 मई की रात को ही मधेपुरा कोर्ट लाया गया। जहां से लोअर कोर्ट ने उन्हें 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजते हुए क्वारंटाइन जेल बीरपुर शिफ्ट कर दिया गया था।
क्वारंटाइन जेल में रहते हुए बीमारी के ग्राउंड पर उन्हें डीएमसीएच भेज दिया गया था। साथ ही उनकी जमानत याचिका खारिज करते हुए 1 जून को जिला जज रमेशचंद मालवीय की कोर्ट ने कहा था कि अपहरण का केस नन कंपाउंडेबल होता है। उन्होंने आदेश दिया कि संबंधित कोर्ट एक महीने में सेशन ट्रायल शुरू कर 6 महीने के भीतर सुनवाई पूरी करे।












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